इन्साफ़ की गुहार,कब सुनेगा मुंसिफ़, जब…

Date:

प्रेस बयान

*इंसाफ के लिये राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा*

पांच माह बाद भी पुत्र को नहीं बताया जा रहा ,पिता की मृत्यु का कारण

कोटा- 17 अक्टूबर। पांच माह पूर्व जेलबन्दी मोहम्मद रमजान की हिरासत के दौरान बेरहमी से पिटाई से मौत के मामले मे अभी तक बेटे को मृत्यु के कारणो को नही बताया जा रहा है।

मोहम्मद रमजान मांगरोल बारां के एक मामले मे सजायापता केदी थे। जिनकी हिरासत मे पुलिस द्वारा बैरहमी से पिटाई करने के कारण पुलिस हिरासत मे मौत हो गई। जिसका मर्ग 9/19 पुलिस थाना महावीर नगर कोटा मे 27 अप्रेल को दर्ज हुआ जिसकी जांच विधिक प्रावधानों के तहत माननीय जिला जज कोटा के निर्देषानुसार न्यायालय 4 उत्तर का चार्ज ग्रहण कर रही माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय 3 दक्षिण कोटा द्वारा की गई जिसकी जांच पुर्ण हो चुकी है।

जांच के दौरान बेटे के बयान तो रेकार्ड किये किन्तु बेटे द्वारा मृतक के हिरासत मे आई चोटे और मृतक द्वारा पत्रकार को विडियो के रूप मे विडियों रिकोर्डेड बयान प्रस्तुत करने की अनुमति नही दी बेटे ने इस संबंध मे माननीय जिला न्यायाधीष को लिखित मे रजिस्ट्री कर प्रार्थना भी की थी।

बेटे ने स्वर्गीय पिता मोहम्मद रमजान की मृत्यु के मामले मे क्या कार्यवाही हुई क्या निश्कर्श जांच रिपोर्ट तैयार हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट बयान, एफ एस एल रिपोर्ट संपुर्ण जांच रिपोर्ट प्राप्त करने के लिये माननीय जिला न्यायाधीष कोटा के अधिनस्थ कोटा जिला न्यायालय के नकल विभाग मे अर्जेन्ट नकल प्राप्त करने के लिये 2 रू0 का टिकिट लगाकर दिनांक 9-10-19 को आवेदन किया जिसका नकल आवेदन क्रमांक 46263 है।

दिनांक 14-10-19 को प्रभारी अधिकारी नकल विभाग ने नकल प्रार्थना पत्र की पुशत पर यह टिप्पणी की कि _आवेदक द्वारा नकल प्रार्थना पत्र द्वारा जो वांछित दस्तावेज नकल आवेदक द्वारा चाही गई है उक्त दस्तावेज न्यायालय के गोपनीय दस्तावेज हैं।

अतः गोपनीय दस्तावेजों की नकल जारी करना न्यायोचित प्रतीत नही होता है। अतः आवेदक का नकल प्रार्थना पत्र खारिज किया जाता है।

पिता की मृत्यु के कारणों को जानने के लिये मोहम्मद रिजवान ने अब राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि उसके उक्त दर्द को माननीय मुख्य न्यायाधीष महोदय सो मोटो जनहित याचिका मानकर जो भी उचित मार्ग निर्देषन, न्यायिक सहायता और क्षतिपूर्ति राषि संबंघित जो भी न्यायिक कार्यवाही वह दिलवाने के निर्देष प्रदान कर अनुग्रहित करें।

भवदीय
मोहम्मद रिजवान पुत्र मरहूम मोहम्मद रमजान (पुलिस हिरासत में हुई मौत)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

ये वक़्त की पुकार है….

ये वक़्त की पुकार है बेकल उत्साही  चलो कि पहले...

NHRC Takes Cognizance of Maternal Deaths in Hospital

Press Release NHRC Takes Cognizance of Maternal Deaths in Hospital,...

अस्पताल में प्रसूताओ की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का संज्ञान

अस्पताल में प्रसूताओ की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग...

The Poet Who Understood the Silence of Power

Prof. Jasim Mohammad Indian literature has produced many powerful poets,...