ग़ज़ल मंज़िलो की आस रखिये और चलिए। हौसला बिंदास रखिये और चलिए।। खामियां भी जानना…
Category: Poetry/Literature
हुए हैं दिल के टुकड़े टुकड़े “हैरत”
ग़ज़ल बग़ावत की है जब से रोशनी ने। सहारा ही दिया है तीरगी ने।। जगह…
आज़ादी है उन्माद
आज़ादी आज़ादी है उन्माद मस्त गगन में उड़ने की कवायद। कोई चाहे संस्कारों से छुटकारा और…
A SYSTEMATIC STUDY OF THE HOLY QUR’ĀN
(Chair in Islamic Studies & Research, Yenepoya (Deemed to be) University, Mangalore) 19th Ramadan 2025 Excerpts…
A SYSTEMATIC STUDY OF THE HOLY QUR’ĀN
“A SYSTEMATIC STUDY OF THE HOLY QUR’ĀN” Inline image (5) Authored by Dr. Javed Jamil (Chair…
ये जिंदगी भी इतनी आसान क्यों नहीं
गज़ल इंसानियत निभाता इंसान क्यों नहीं । ये जिंदगी भी इतनी आसान क्यों नहीं ।।१ जाता…