Poetry/Literature

आंख अपनी चुराना नहीं चाहिए

आंख अपनी चुराना नहीं चाहिए ********** प्यार झूठा दिखाना नहीं चाहिए। आंख अपनी चुराना नहीं चाहिए।।(1) प्यार करते रहो निर्बलों से सदा आंख उनको दिखाना नहीं चाहिए।(2) तुम मदद खुद...

जिनमें हिम्मत है तूफां से लड़ने की

सलाम हैरत ग़ज़ल तन के उजले मन के काले अब भी हैं। फिर भी इंसां भोले भाले अब भी हैं।। क्या जाने किस घड़ी कोई आ कर डस...

गिरीश कर्नाड, रामचंद्र गुहा जैसे दिग्गजों की रचनाएं अब हिंदी में.

साहित्य के दुनिया में कई ऐसे नाम हैं जिनकी रचनाएं हमेशा चर्चा में रहती हैं. लेकिन ये रचनाएं पाठकों का एक बड़ा वर्ग की...

बादल को पाती लिखी

अटल मुरादाबादी   गर्मी से तपती धरा, जन जीवन बेहाल। तापमान असहज हुआ, रवि की टेढी चाल।। रवि की ढेढी चाल,करे तांडव अब दिनभर। ज्यों-ज्यों बढता दिवस,बढ़ाते तेवर दिनकर।। कहै...

आंख अपनी चुराना नहीं चाहिए

अटल मुरादाबादी प्यार झूठा दिखाना नहीं चाहिए। आंख अपनी चुराना नहीं चाहिए।।(1) प्यार करते रहो निर्बलों से सदा आंख उनको दिखाना नहीं चाहिए।(2) तुम मदद खुद किसी की करो...

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