Poetry/Literature

A beautiful poetry written on ‘Time’ by Sharoon Khan

Sharoon Khan Time It can't be seen, and can never be felt. Neither touch nor bought, But still it is the most precious thing one can have. Time is...

और अधूरी ज़िंदगी ही जी पाते हैं

  यह रही हम फूलों की तक़दीर* किसी के प्यार के इज़हार के तौर पर किताबों के वर्क़ॊ में घुटते रहने पर मजबूर ! या किसी की आस्था की...

उस के नज़दीक ग़म-ए-तर्क-ए-वफ़ा कुछ भी नहीं

उस के नज़दीक ग़म-ए-तर्क-ए-वफ़ा कुछ भी नहीं मुतमइन ऐसा है वो जैसे हुआ कुछ भी नहीं अब तो हाथों से लकीरें भी मिटी जाती हैं उस को...

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