गुजरात: पिछली सरकारों ने विकास को प्राथमिकता नहीं बनाया

Date:

गुजरात: पिछली सरकारों ने विकास को प्राथमिकता नहीं बनाया, आज यह काम तेजी से हो रहा- PM मोदी, आदिवासियों को मनाने की है PM की कोशिश.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात को एक और सौगात देने वाले हैं। पीएम मोदी का अहमदाबाद का दौरा अहम माना जा रहा है। यहां वे बोपल में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के मुख्यालय का उद्घाटन करेंगे। इसे जून 2020 में केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिली थी।

जानकारी के मुताबिक, इन-स्पेस एक नोडल एजेंसी होगी, जो अंतरिक्ष गतिविधियों और गैर-सरकारी निजी संस्थाओं को अंतरिक्ष से जुड़ी सुविधाओं के विभाग के उपयोग की अनुमति देगी। इसका मकसद अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ज्यादा से ज्यादा निजी भागीदारी को सुनिश्चित करना होगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने ट्विटर हैंडल पर इन-स्पेस मुख्यालय के उद्घाटन की घोषणा की।पीएम मोदी ने कहा, हमारा गरीब, हमारा दलित वंचित पिछड़ा वर्ग, आदिवासी महिलाएं यह सभी अपना पूरा जीवन मूल जरूरतों को पूरा करने में ही बिता देते थे. आजादी के इस लंबे कॉल खंड में जिन्होंने सबसे अधिक सरकार चलाई उन्होंने विकास को अपनी प्राथमिकता नहीं बनाया.

जिन क्षेत्र, जिन वर्गों की इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी वहां उन्होंने विकास किया ही नहीं, क्योंकि यह काम करने के लिए मेहनत ज्यादा पड़ती है. पीएम मोदी ने कहा, आज मुझे इस बात का गौरव हो रहा है कि गुजरात छोड़ने के बाद जिन जिन लोगों ने गुजरात को संभालने का दायित्व निभाया और आज भूपेंद्र भाई और सी.आर पाटिल की जोड़ी जिस उमंग और उत्साह के साथ नया विश्वास जगा रही है, उसी का परिणाम है कि आज मेरे सामने 5 लाख लोगों का विशाल जनसमूह है.

पीएम मोदी ने कहा, हमारे आदिवासी क्षेत्र के जिन गरीब परिवारों को 8 साल में पक्का आवास मिला, बिजली मिली, शौचालय मिला और गैस कनेक्शन मिले, उनमें से अधिकतर मेरे आदिवासी भाई बहन और दलित भाई बहन है. पीएम ने कहा, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और हर प्रकार की कनेक्टिविटी के ये प्रोजेक्ट, वो भी विशेष रूप से हमारे आदिवासी क्षेत्रों में हैं. तब तो ये सुविधाएं रोजगार के अवसरों से जोड़ेंगी.

मोदी ने कहा, बीते 8 वर्षों में सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर चलते हुए हमारी सरकार ने गरीब को मूलभूत सुविधाएं देने पर, गरीब के कल्याण पर सबसे ज्यादा जोर दिया है. आज मुझे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करने का अवसर मिला.

दक्षिण गुजरात के आदिवासी इलाके में केंद्र सरकार के पार तापी नर्मदा रिवर लिंक प्रोजेक्ट का जमकर विरोध हो रहा है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नवसारी के चिखली पहुंचे. पीएम मोदी ने यहां 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास योजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया.

गुजरात में 15% आदिवासी वोटर हैं. इनका सीधा असर 27 विधानसभा सीटों पर नजर आता है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही इसे अपनी और खींचने के प्रयास में जुटी हैं. इस बार आम आदमी पार्टी भी आदिवासियों की पार्टी बीटीपी के साथ मिलकर कांग्रेस- बीजेपी का खेल बिगाड़ने में जुटी है. आदिवासी वोट बैंक को सालों से कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक माना जाता है.

कांग्रेस ने इसी के चलते इस बार चुनाव के बाद आदिवासी नेता सुखराम राठवा को विपक्ष का नेता बनाया था. हाल ही में कांग्रेस में बीटीपी के युवा नेता राजेश वसावा भी शामिल हुए थे. उधर, बीजेपी ने अपनी नई सरकार में 5 आदिवासी नेताओं को मंत्रिमंडल में स्थान दिया है. साथ में केंद्र सरकार ने सांसद गीताबेन राठवा को BSNL का अध्यक्ष बनाया है. बीजेपी अपनी पार्टी में और सरकार में आदिवासी समाज नेताओं को काफी अच्छे पद देकर आदिवासी वोट को हासिल करने का प्रयास कर रही है. गुजरात में पिछले 5 साल में ऐसे कई प्रोजेक्ट हैं, जिसे लेकर आदिवासी समाज बीजेपी से नाराज चल रहे हैं. दक्षिण गुजरात में तापी नर्मदा रिवर लिंकिंग प्रोजेक्ट को लेकर काफी विरोध प्रदर्शन हुआ. हजारों आदिवासी समाज के लोग सड़कों पर आ गए थे. इसके बाद बीजेपी सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के एरिया में आदिवासी गावों की समस्या का अभी भी कुछ निपटारा नहीं आया.

सवाल ये है की सिरफ
गुजरात सिरफ के विकास से ही पीएम मोदी देश का विकास कैसे मान सकाते है, क्या गुजरात अकेला विकास करेगा तो देश विकास करेगा? और चुनाव का समय आते ही आदिवासियों को अपनी बातो म
उल्झने का दोनो पार्टियों का मैं डबाव तो नज़र आ ही रहा है देखना होगा की आदिवासी वोट किस तरह जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सोमनाथ: इतिहास या सियासी मंच?

धार्मिक स्थल कोई भी हो, या किसी भी मज़हब...

Understanding the Position of Indian Muslims

Citizenship Concerns and Documentation Reality: Understanding the Position of...

चुनावी शोर के बाद संकट का दौर!

ईरान युद्ध और वैश्विक तेल संकट की आशंकाओं के...

“चुनाव खत्म, अब त्याग शुरू? तेल संकट पर सरकार घिरी”

क्या भारत किसी बड़े तेल संकट की दहलीज़ पर...