नफ़रत जिहाद की मास्टर माइंड….

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DR Arti Laal Chandani

कानपूर मेडिकल कॉलेज की PRINCIPAL डॉ आरती लाल चांदनी निकली नफ़रत वाली जमात की सरगना

खबर पुरानी है लेकिन अंदाज़ नया है देखें ज़रूर

नफ़रत की मास्टर माइंड का स्टिंग ऑपरेशन में पर्दाफ़ाश ,ख़ास वर्ग के मरीज़ों को मौत का इंजेक्शन लगाने की भी दी गयी सलाह

कौन करेगा कार्रवाई

दुनिया में डॉक्टर को एक देवता या भगवन का रूप दिया गया है और उसको इंसान की जान का रक्षक कहा गया है , और ज़ाहिर है डॉक्टर के पास कोई स्वस्थ्य इंसान तो जाता नहीं , उसकी शरण में तो इंसान बीमारी की हालत में ही जाता है , अब यदि कोई डॉक्टर अपने मरीज़ के साथ दुर्वयवहार करे या उसके साथ सौतेला बर्ताव करे और इससे भी आगे निकलकर उसको मारने की ही बात करने लगे तो क्या अब भी इसको आप भगवन का ही रूप देंगे या राक्षस का ?

डॉ लाल चंदानी INDIAN MEDICAL ASSOCIATION की पूर्व अध्यक्षया और कानपूर मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल का देश के मंत्रियों से है सीधा सम्बन्ध और ये फैला रही हैं देश में नफरत का CORONA , एहि वो महिला डॉ हैं जिन्होंने सबसे पहले ग़ज़िआबाद के हॉस्पिटल में तब्लीगी जमातियों द्वारा थूकने और नग्न अवस्था में हॉस्पिटल में घूमने का झूठा इलज़ाम लगाया था हालाँकि पुलिस ने इस बात से इंकार किया था कि ऐसा कोई कोई वाक़या पेश आया है , लेकिन उसके बाद कई मुस्लिम नौजवानो को और तब्लीग के लोगों को इसके लिए सताया गया , मारा गया और कई क़त्ल किये गए .

नफरत कि अफवाह फैलाकर समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करने कि साज़िश के जुर्म में क्या ऐसे लोगों को सजा नहीं होनी चाहिए , क्योंकि क़त्ल या क़त्ल ए आम कि साज़िश रचना भी क़त्ल के ही जुर्म में आता है बल्कि उससे भी बड़ा जुर्म है यह , आप खुद फैसला करें कि एक मुजरिम किसी एक व्यक्ति का क़त्ल करता है .

अब चाहे वो अपने बचाव में ही क्यों न क़त्ल करा हो , या फिर लूट मार के लिए किसी का क़त्ल किया गया हो तो इस एक व्यक्ति के क़त्ल के जुर्म में अपराधी को २० साल कि सजा होती है है जबकि एक इंसान दो गुटों या समुदायों में नफरत पैदा कर देता है और इसके बाद टकराव या दंगों के नतीजे में सैंकड़ों , हज़ारों मासूम क़त्ल कर दिए जाते हैं ऐसे में कौन बड़ा मुजरिम है ?

मगर अफ़सोस , इस धरती पर ऐसे लोग जिनको राजनितिक संरक्षण प्राप्त होता है वो दंगे कराने पर इनाम पाते हैं और सत्ता की कुर्सियों पर आसीन किये जाते हैं , इसी लिए रब ने ज़ुल्म करने वालों की नहूसत के चलते धरती पर लगातार बड़े अज़ाब भेजने का सिलसिला शुरू कर दिया है , और परलोक में तो हमेशा का नर्क भोगना ही होगा ऐसे पापियों को .

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