एसडीपीआई ने बाबा साहेब अंबेडकर के 125 वें जयंती को ‘सामाजिक न्याय दिवस‘ के रूप में मनाया

नई दिल्ली/सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने भारतीय संविधान बनाने वाली समिति के अध्यक्ष, भारत रत्न, दलित समाज के मसीहा और महान नेता डॉ भीम राव की 125वीं जयंती के जश्न देश के लगभग सभी राज्यों, प्रमुख शहरों और कस्बों में ‘सामाजिक न्याय दिवस‘ के रूप में मनाया। जिसके मद्देनज़र एसडीपीआई ने आज यहां नई दिल्ली में संसद मार्ग पर बाबा साहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए एक कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने बाबा साहेब की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने अपने पूरे जीवन में दलित समाज और पिछड़े वर्गों के लिए समर्पित कर दी थी। बाबा साहब ने भारतीय संविधान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के संविधान की आत्मा आज फासीवादी ताकतें आहत कर रही हैं। अगर देश संविधान के अनुसार चलेगा तब जाकर ही हमारे देश में साम्प्रदायिक वातावरण का अंत हो सकता है। हमारे देश के संविधान के चार प्रमुख स्तंभों समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के कारण ही हमारे देश का संविधान पूर्ण और मजबूत संविधान है।
बाबा साहब के 125वीं जयंती के अवसर पर एसडीपीआई राष्ट्रीय अध्यक्ष ए सईद ने देश की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा है ‘मानवाधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक न्याय एक महत्वपूर्ण घटक है। जिस पर आज यह सवालिया निशान लगा हुआ है कि क्या यह अधिकार विभिन्न जातीयो, धर्म, सामाजिक स्थिति और विभिन्न लिंग से संबंधित लोगों के लिए समान रूप से उपलब्ध है? हमारे देश में इसका सकारात्मक जवाब नहीं है। दुर्भाग्य की बात है कि हमारे देश की जनता को पूरा सामाजिक न्याय प्रदान नहीं है जिसके लिए सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया चिंतित है। हम ऐसे पीडि़त वर्ग जो शक्ति, अर्थव्यवस्था और बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं उन्हें उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करेंगे और एक ऐसे समाज के निर्माण के लिए कड़ा संघर्ष करेंगे जिसमे देशवासियों को सभी संसाधनों में बराबर अधिकार और लाभ मिल सके। हम एक ऐसा उद्देश्यपूर्ण समाज बनाना चाहते हैं जो अपनी सभी क्षमताओं के अहसास के साथ अपने अधिकार पाने के लिए संघर्ष करे।
जनकल्याण और सामाजिक एकजुटता हमारे देश के विकास के लिए बुनियादी चीज़ है। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के प्रत्येक कार्यकर्ता को यह प्रतिबद्धता करनी चाहिए कि सामाजिक सुधार के माध्यम से सामाजिक कल्याण की स्थापना, कमजोर वर्गों के शोषण के खिलाफ संघर्ष, मानवाधिकारों का पालन करने के लिए विवश वर्गों और नस्लवाद प्रणाली को समाप्त करने का संकल्प करें। प्रत्येक कार्यकर्ता की यह जि़म्मेदारी बनती है कि हमारे देश के संविधान में जो कानून के शासन और बराबरी पर आधारित है इसे सभी के लिए सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करे। जब तक अन्यायपूर्ण समाज और अन्याय जड़ से खत्म नहीं होगा, तब तक अन्याय के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
इस अवसर पर एसडीपीआई राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट शरफुद्दीन अहमद, राष्ट्रीय महासचिव अफसर पाशा, राष्ट्रीय सचिव अब्दुल वारिस, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट असलम और अन्य राष्ट्रीय और राज्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शिरकर की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.