देश में नौकरी नहीं, उत्तर भारतीयों में योग्यता की कमी :संतोष गंगवार बोले 

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प्रियंका गांधी ने कहा गंगवार जी आप उत्तर भारतियों का अपमान करके बच नहीं सकते , मायावती ने भी मन्त्री के इस ब्यान पर इसको इंतहाई शर्मनाक बताया और माफ़ी मांगने को कहा

 

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार (Santosh Gangwar) के बेरोजगार युवाओं को लेकर दिए गए बयान पर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है. संतोष गंगवार ने बरेली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज देश में नौकरी की कोई कमी नहीं, लेकिन उत्तर भारत के युवाओं में वह काबिलियत नहीं कि उन्हें रोजगार दिया जा सके. संतोष गंगवार के इस बयान को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) और बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) ने सरकार पर हमला बोला.

प्रियंका गांधी ने गंगवार के बयान पर ट्वीट किया, ‘5 साल से आपकी सरकार है. आप नौकरियां पैदा नहीं कर पाए. जो नौकरियां थीं वो सरकार द्वारा लाई आर्थिक मंदी के चलते छिन रही हैं. नौजवान रास्ता देख रहे हैं कि सरकार कुछ अच्छा करे, जो नहीं किया गया. आप उत्तर भारतीयों का अपमान करके बच कर नहीं जा सकते. ये नहीं चलेगा.’

उधर, BSP प्रमुख मायावती ने ट्वीट किया, देश में छाई आर्थिक मंदी के बीच केंद्रीय मंत्रियों के अलग-अलग हास्यास्पद बयानों के बाद अब देश और खासकर उत्तर भारतीयों की बेरोजगारी दूर करने के बजाय यह कहना कि रोजगार की कमी नहीं, बल्कि योग्यता की कमी है, अति शर्मनाक है. इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए.’

https://timesofpedia.com/धार्मिक-राष्ट्रवादः-नायक/                              

@ANI
MoS लेबर & एम्प्लॉयमेंट राज्य मंत्री संतोष के गंगवार कहते हैं , “देश में रोज़गार की कमी नहीं है . हमारे उत्तर भारत में जो रिक्रूटमेंट करने आते हैं इस बात का सवाल करते हैं की जिस पद (position) के लिए हम रख रहे हैं उसकी क्वालिटी का व्यक्ति हमें कम मिलता है .”

हालांकि बयान पर फजीहत के बाद संतोष गंगवार ने सफाई दी है. संतोष गंगवार ने कहा, मैंने जो कहा था उसका अलग संदर्भ था. देश में योग्यता (स्किल) की कमी है और सरकार ने इसके लिए कौशल विकास मंत्रालय भी खोला है. इस मंत्रालय का काम नौकरी के हिसाब से बच्चों को शिक्षित करना है.

https://timesofpedia.com/qusoor-apna-nikal-aaya/

याद रहे कि संतोष गंगवार शनिवार को बरेली में मीडिया से बातचीत में कहा था, ‘देश में रोजगार की कमी नहीं है लेकिन उत्तर भारत में जो रिक्रूटमेंट करने आते हैं, इस बात का सवाल करते हैं कि जिस पद के लिए हम (कर्मचारी) रख रहे हैं उसकी क्वालिटी का व्यक्ति हमें नहीं मिलता है.’ उन्होंने कहा, ‘आजकल अखबारों में रोजगार की बात आ रही है. हम इसी मंत्रालय को देखने का काम करते हैं और रोज ही इसी का मंथन करने का काम करते हैं. बात हमारे समझ में आ गई है. रोजगार दफ्तर के अलावा भी हमारा मंत्रालय इसको मॉनिटर कर रहा है.’

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