वैसे तो क़त्ल अपने में ही बहुत भयानक लफ्ज़ है मगर जब क़त्ल की कहानी मीडिया के हाथ लग जाए तो उसका क्या हश्र होता है आप भली भांत जानते हैं , भारत के कई बड़े एक्सपेंसिव (खर्चीले) मामलों में एक आरुषि का मामला भी रहा है जो देश के क्रिमिनल केसेस की तारिख में यादगार माना जाता है .
डॉ तलवार और नूपुर की इकलौती बेटी जिस वक़्त खून से लत पत अपने बिस्तर पर पड़ी होगी उस वक़्त माँ और बाप का कलेजा क्या केहरहा होगा .किस हिम्मत से सामना किया होगा इकलौती बेटी (आरुषि) के माँ बाप ने उस वक़्त का जब उनका लगभग सब कुछ लूट रहा था , इज़्ज़त , शोहरत , सुकून , प्यार , लाड ,ममता ,प्रोफेशन और पैसा सब कुछ लुट गया था।


