ट्रंप ने भी ईरान का लोहा माना !

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ट्रंप ने भी ईरान का लोहा माना! कहा- ताकतवर दुश्मन है, जंग खत्म करने पर कुछ ऐसा बोले डोनाल्ड ट्रम्प

मिडिल ईस्ट में लगभग एक माह से जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अब यह मान रहे हैं की उनका दुश्मन भी ताक़तवर है. शांति वार्ता को लेकर चल रही पहल और 48 घंटे वाली धमकी के बाद ट्रंप ने कहा कि ईरान के लड़ाके क़ाबिल और मजबूत हैं.

ट्रम्प ने कहा, ‘जब दुश्मन कमजोर हो तो आपको कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन यह दुश्मन मजबूत है. हालांकि उनके पास अब उतनी ताकत नहीं बची, जितनी करीब एक महीने पहले थी.’

उन्होंने कहा, ‘हमारी सेना पूरी दुनिया में सबसे महान और शक्तिशाली सेना है, जिसे सबने वेनेज़ुएला में किए गए ऑपरेशन में देखा और यह मेरे लिए गर्व की बात है. मैंने अपने पहले कार्यकाल में इसे और भी मजबूत बनाया था और मुझे अंदाजा भी नहीं था कि अपने दूसरे कार्यकाल में मुझे इसका इतना ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ेगा.’ डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात के भी संकेत दिए कि ईरान के साथ जंग को लेकर अमेरिका जल्द ही अंतिम फैसला ले सकता है.

व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘मैं चाहता तो ईरान के तेल पर कब्जा कर लेता. बदकिस्मती से, अमेरिकी लोग चाहते हैं कि हम घर लौट आएं. हमें लगता है कि ईरान का नया शासन पिछले शासनों के मुकाबले कहीं ज्यादा समझदार है.

हमने वहां पूरी तरह से सत्ता परिवर्तन नहीं कर पाए, ‘ F-15 फाइटर जेट तबाह होने को लेकर ट्रंप ने कहा, ‘इस मामले में ईरान थोड़ा लकी साबित हुआ. युद्ध में कभी-कभी किस्मत की भी जरूरत पड़ती है.’

अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार ईरान ने हमारे सामने शांति के लिए प्रस्ताव रखा है. ट्रंप ने कहा कि यह प्रस्ताव भले ही पूरी तरह से संतोषजनक न हो, लेकिन यह बहुत अहम है.

अमेरिकी राष्ट्रपति के इन बयानात से यह साफ ज़ाहिर हो रहा है की अब अमेरिका युद्ध विराम चाहता है। लेकिन वो यह भी चाहता है की इस सम्बन्ध में अमेरिका को झुकना न पड़े, और समझौता भी हो जाए। जबकि ईरान ऐसी किसी भी शर्त को मैंने से पहले ही इंकार कर चूका है जिससे ईरान की सम्प्रभुता को कोम्प्रोमाईज़ करना पड़े।

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