जयपुर, 07 अक्टूबर । राजस्थान में लंबित गृहकर और नगरीय विकास कर जमा कराने वाले करदाताओं को राज्य सरकार ने राहत दी है। ‘सेवा सेतु अभियान-2026’ के तहत 7 से 16 अक्टूबर तक बकाया कर की एकमुश्त राशि जमा कराने पर गृहकर में 50 प्रतिशत और शास्ति में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। नगरीय विकास कर के मामले में ब्याज और शास्ति पूरी तरह माफ होगी।
स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक एवं विशिष्ट सचिव प्रतीक जुईकर की ओर से जारी आदेश के अनुसार राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 107(4) के तहत यह छूट दी जा रही है। सम्पूर्ण बकाया गृहकर की एकमुश्त राशि जमा कराने पर मूल गृहकर में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जबकि शास्ति की पूरी राशि माफ की जाएगी। यह प्रावधान आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के साथ भूखंडों एवं भवनों से संबंधित बकाया गृहकर पर लागू होगा। इसी तरह वर्ष 2025-26 तक के बकाया नगरीय विकास कर की पूरी राशि एकमुश्त जमा कराने पर ब्याज और शास्ति में 100 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा।
राज्य के नगरीय निकायों में 7 से 16 अक्टूबर तक ‘सेवा सेतु अभियान-2026’ आयोजित किया जा रहा है। अभियान के दौरान नगरीय निकायों की ओर से नागरिकों को उनके बकाया कर और देय राशि की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी तथा एकमुश्त कर जमा कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार के अनुसार इस छूट से लंबे समय से लंबित करों के निस्तारण के साथ करदाताओं को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।