जयपुर, 07 अक्टूबर । राज्य मानवाधिकार आयोग ने शहर के मुहाना थाने में पुलिस की कथित मारपीट के बाद युवक की मौत के मामले की स्वयं जांच करना तय किया है। आयोग अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने आयोग के आईजी हिंगलाज दान और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संध्या यादव को कहा है कि वे स्वयं के स्तर पर घटना की जांच करें और तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करें। आयोग ने दोनों अफसरों को कहा है कि वह घटना के गवाहों, चिकित्सकों से साक्ष्य लेकर मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी प्राप्त कर उसकी जांच करें। इसके साथ ही घटना के दिन से एक सप्ताह पहले तक की सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र करें।
आयोग ने कहा कि आज प्रकाशित खबर के अनुसार अवैध कस्टडी में युवक को टॉर्चर किया गया। जिससे दिमाग में चोट से उसकी मौत हुई। वहीं पुलिस ने झूठ छिपाने के लिए उसे अस्पताल ले जाकर एंटीवेनम के दस इंजेक्शन लगवाकर 96 हजार रुपए का बिल भी भरा। खबर में यह भी बताया गया कि सांप डसने की कहानी रची गई, लेकिन जांच में एक भी निशान नहीं मिला। इसके अलावा खबर में दो चश्मदीद गवाहों के हवाले से बताया गया कि उनके सामने मुहाना थाना पुलिस के पुलिसकर्मियों ने युवक को पीटा था और सिर पकड़ कर दीवार पर मारा था।
गौरतलब है कि पन्द्रह दिन से अस्पताल में भर्ती रितुराज की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया की पुलिस ने उसे होटल और थाने में पीटा था। वहीं पुलिस का दावा रहा कि होटल में उसके साथ मारपीट हुई थी, जिसके फुटेज पुलिस के पास हैं। इस संबंध में मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद आयोग ने पूर्व में स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर, जिला मजिस्ट्रेट और एडीजी मानवाधिकार से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगते हुए सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग को पेश करने को कहा था। इसके बाद मीडिया में यह नया खुलासा हुआ की पुलिस ने घटना को लेकर अपना झूठ छिपाया और युवक को एंटीवेनम इंजेक्शन तक लगाए गए।