प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा: क्या हैं बड़ी खबरें?
प्रधानमंत्री Narendra Modi 6–8 जुलाई की राजकीय यात्रा पर इंडोनेशिया पहुंचे हैं। यह यात्रा भारत की “एक्ट ईस्ट नीति” और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
1. जकार्ता में भव्य स्वागत
जकार्ता पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति Prabowo Subianto से द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।
2. रक्षा सहयोग पर बड़ा फोकस
यात्रा की सबसे अहम उपलब्धियों में रक्षा सहयोग शामिल रहा। भारत और इंडोनेशिया ने ब्रह्मोस (BrahMos) और अस्त्र (ASTRA) मिसाइल प्रणालियों से जुड़े समझौतों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, मलक्का जलडमरूमध्य में सहयोग और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
3. आठ समझौतों पर सहमति
दोनों देशों के बीच रक्षा के अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा प्रबंधन, खनिज आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल सहयोग और अन्य क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर सहमति बनी।
4. प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “बिंतांग अदीपूर्णा (Bintang Adipurna)” प्रदान किया। यह सम्मान दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने में उनके योगदान के लिए दिया गया।
5. यात्रा का रणनीतिक महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। भारत और इंडोनेशिया समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए अपने सहयोग को नई दिशा देना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।
वार्ता के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान की गई। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया।
