प्रधानमंत्री के भाषण से निराश चीफ जस्टिस ठाकुर ने कहा- डेढ़ घंटे बोले , जजों पर एक शब्‍द नहीं

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मुख्‍य न्‍यायाधीश टीएस ठाकुर ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में 10 साल में इंसाफ मिल जाता था लेकिन अब तो 100 साल भी कम है।

चीफ जस्टिस ठाकुर ने लाल किले से दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर निराशा जताई है। उन्‍होंने कहा कि वे उम्‍मीद कर रहे थे कि पीएम मोदी जजों की नियुक्ति को लेकर बोलेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह मामला सरकार के पास बकाया पड़ा है। ठाकुर ने कहा, ”मैंने पीएम का डेढ़ घंटे का भाषण सुना। मुझे उम्‍मीद थी कि वे जजों की नियुक्ति को लेकर बोलेंगे। लेकिन पीएम ने कुछ नहीं कहा। कितने  केस पेडिंग पड़े हैं। मैंने जजों की नियुक्ति को लेकर सरकार से लगातार बात की है।” चीफ जस्टिस ने स्‍वतंत्रता दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही , इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे।


चीफ जस्टिस ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में 10 साल में इंसाफ मिल जाता था लेकिन अब तो 100 साल भी कम है। रविशंकर प्रसाद ने इस बारे में कहा, ”न्‍यायपालिका को लेकर हमारा कमिटमेंट पूरा है। हम इस प्रक्रिया को पूरा करने के अंतिम चरण में हैं।” उन्‍होंने कहा कि हम न्‍यायपालिका के साथ मिलकर काम करेंगे। गुड गवर्नेंस के लिए न्‍यायपालिका का मजबूत होना जरूरी है। न्‍यायपालिका में 4000 से ज्‍यादा वैकेंसी है जो कि चिंताजनक बात है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जजों की नियुक्ति के लिए मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर तैयार किया जा रहा है।

गौरतलब है कि जजों की नियुक्ति में ढिलाई पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार(12 अगस्‍त) को भी सरकार को फटकार लगाई थी। चीफ जस्टिस ठाकुर की अगुवाई वाली बैंच ने कहा था, ”जजों की नियुक्ति में रूकावट हम बर्दाश्‍त नहीं करेंगे। इससे न्‍यायिक कार्यों का गला घोंटा जा रहा है। अब हम जिम्‍मेदारी में तेजी लाएंगे। ऐसा अविश्‍वास क्‍यों? यदि यह रूकावट जारी रही तो हमें न्यायिक रूप से दखल देने को मजबूर होना पड़ेगा। हम कॉलेजियम की ओर से आपको भेजी गई सभी फाइलों की जानकारी लेंगे।”

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