नितिन गडकरी की कार्यक्रम के दौरान बिगड़ी तबीयत, पश्चिम बंगाल में चल रहा था प्रोग्राम

Date:

सिलीगुड़ी में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर अचानक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तबीयत बिगड़ गई।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तबीयत अचानक एक कार्यक्रम के दौरान खराब हो गई। गुरुवार (17 नवंबर) को नितिन गडकरी पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे, जहां एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों की टीम ने उनका प्राथमिक उपचार किया।

नितिन गडकरी पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उनका शुगर लेवल एकदम से डाउन हो गया था जिसकी वजह से उनकी तबीयत अचानक से बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अधिकारियों को पूरी स्थिति संभालने को कहा।

जैसे ही मंच पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तबीयत बिगड़ी उन्हें तुरंत कार्यक्रम स्थल के बाहर ले जाया गया। एबीपी न्यूज के मुताबिक अब वो आराम करने के लिए राजू बिष्ट के आवास बरसाना जाएंगे। वहीं केंद्रीय मंत्री के इलाज की व्यवस्था उनके माटीगाड़ा स्थित आवास पर की जाएगी। केंद्रीय मंत्री के साथ डॉक्टरों की टीम भी है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में शिव मंदिर से लेकर सेवक की छावनी तक के लिए एक सड़क का शिलान्यास करने पहुंचे थे। ये कार्यक्रम दार्जिलिंग जंक्शन के पास आयोजित किया गया था।

जब नितिन गडकरी मंच से लोगों को संबोधित कर रहे थे उसी दौरान अचानक से उनका शुगर लेवल नीचे गिर गया जिसकी वजह से वो मंच पर असहज महसूस करने लगे और उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इससे पहले नितिन गडकरी ने 92 किलोमीटर लंबे एक फोर लेन राजमार्ग का उद्घाटन किया। ये राजमार्ग दिल्ली से बिहार के बीच की दूरी के समय को 10-15 घंटे कम कर देगा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

आरएसएस-भाजपा और अमेरिका की दासता की ओर बढ़ता भारत

स्वतंत्रता के बाद भारत की  विदेश नीति गुटनिरपेक्षता के...

वेबवार्ता द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस पर भव्य आयोजन

पत्रकारिता के सामने अनेक चुनौतियां हैं, जिनका समाधान ज़रूरी:...

शिक्षकों को भूसा इकठ्ठा करने पर क्यों लगाया?

उत्तर प्रदेश का शहर बरैली पिछले कई बरसों से...

Human Rights vs Funding: 558 UP Madrasas Case

Human Right never intersects with financial transactions: understanding law...