हेट स्पीच मामले में अदालत ने ख़ारिज की याचिका ,सपा नेता आज़म ख़ान को लगा झटका.

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Azam Khan Hate Speech Case: आजम खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट से झटका लगा है। उच्च न्यायालय  ने हेट स्पीच मामले  में आजम खान की याचिका खारिज कर दी है।

Reported Nadeem Ahmad

Azam Khan Hate Speech Case: आज़म ख़ान को इलाहाबाद हाई कोर्ट से झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने हेट स्पीच मामले में आज़म ख़ान की याचिका ख़ारिज कर दी है।

दरअसल आजम खान ने 2019 के मामले में चल रहे मुकदमे पर रोक लगाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। वहीं रामपुर की विशेष अदालत ने अक्टूबर 2022 में दोषी ठहराते हुए 3 साल की जेल की सजा सुनाई थी।

इसके पहले 11 नवंबर को हेट स्पीच मामले में मिली सजा के खिलाफ आजम खान की अपील खारिज होने के बाद चुनाव ने रामपुर सदर विधानसभा उपचुनाव का संशोधित कार्यक्रम उप चुनाव का रिवाइज्ड शेड्यूल जारी कर दिया था नए शेड्यूल के मुताबिक अब रामपुर में 5 दिसंबर को वोटिंग होगी। इस बीच हाई कोर्ट से आजम खान को निराशा मिली और हेट स्पीच मामले में हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया।

जानिए क्यों ख़ारिज हुई आज़म ख़ान की याचिका

सपा नेता आज़म ख़ान के खिलाफ साल 2019 से चल रहे हेट स्पीच मामले में ट्रायल कोर्ट का फैसला आया जिसमें उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद आज़म ख़ान की तरफ से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गयी. इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस गोपाल की सिंगल बेंच ने आजम खान की याचिका को खारिज कर दिया।

जानिए क्या है आज़म ख़ान की हेट स्पीच का पूरा मामला

आज़म ख़ान की हेट स्पीच से जुड़ा ये मामला साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव का है। इस मामले में आजम खान पर ये आरोप लगाया गया था की उन्होंने ने एक चुनावी सभा के दौरान आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषण दिया था .

जिसके बाद बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी। इसी मामले में रामपुर की स्पेशल कोर्ट ने आजम खान को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी।

याद रहे विधान सभा और लोक सभा चुनाव के दौरान बीजेपी के छोटे और बड़े कई नेताओ द्वारा हेट स्पीच और भड़काऊ भाषणों का सिलसिला जारी रहा . इनके खिलाफ याचिकाएं दाखिल की गयी किन्तु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई .

जिससे न्याय और शांति प्रिय देश वासियों में बेचैनी और गुस्सा पाया जाता है और न्याय के मामले में इस तरह का सौतेलापन देश के लिए किसी भी तरह उचित नहीं है.

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