मुजफ्फरनगर के पास कलिंग उत्‍कल एक्‍सप्रेस दुर्घटनाग्रस्‍त, 23 लोगों की मौत

नई दिल्‍ली: हरिद्वार से पुरी के बीच चलने वाली कलिंग उत्‍कल एक्‍सप्रेस दुर्घटनाग्रस्‍त हो गई. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खतौली के पास हुए इस हादसे में ट्रेन की 14 बोगियां पटरी से उतर गई जिसके कारण 23 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 78 अन्‍य घायल हो गए. उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर हादसे में 23 लोगों की मौत कि पुष्टि करदी है जबकि दर्जनों घायल हुए हैं जिन्‍हें उपचार के लिए अस्‍पतालों में भर्ती कराया गया है.

मुख्य मेडिकल अधिकारी पी. एस. मिश्रा और मेरठ जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) प्रशांत कुमार ने बताया कि शाम 5:45 बजे हुई इस दुर्घटना में कम से कम 11 लोग मारे गए और 60 जख्मी हुए हैं. खतौली मुजफ्फरनगर से करीब 40 किलोमीटर दूर है. पीएसी, एटीएस और एनडीआरएफ की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है. भारी-भरकम क्रेनों और गैस कटरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने भी बचाव के काम में पूरी मदद की .

मुजफ्फरनगर के अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया है. इस कंट्रोल रूम के फोन नंबर हैं – 0131-2436918, 0131-2436103 और 0131-2436564. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि रेल मंत्रालय एवं राज्य सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय की ओर से हालात की करीबी तौर पर निगरानी की जा रही है.

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्रेन के पटरी से उतरने की इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि वह खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं और किसी तरह की चूक का पता चलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रभु ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन को 3.5 लाख रुपये का मुआवजा और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये जबकि मामूली तौर पर घायलों को 25,000 रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया.

कई ट्वीट कर प्रभु ने यह भी कहा कि रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्य (यातायात) से कहा गया है कि वे राहत और बचाव अभियान की निगरानी करें. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीमों के लगभग ९० जवान और दो खोजी कुत्तों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है.

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