मध्य प्रदेश में लाखों की फ़र्ज़ी फ़ौज ?जंग जीतने के लिए होरही तैयारी

मध्य प्रदेश में लाखों की फ़र्ज़ी फ़ौज ?जंग जीतने के लिए होरही तैयारी

मध्यप्रदेश में विधान सभा चुनाव नज़दीक आते जारहे हैं इसी बीच में वहां लाखों फ़र्ज़ी वोटरों की फ़ौज तैयार की जारही है ताकि सियासी मैदान की जंग जीती जासके .इस दौरान रविवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस के कई बड़े नेता दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय पहुंचे और आरोप लगाया कि राज्य में क़रीब साठ लाख फ़र्ज़ी वोटर हो सकते हैं.

यदि यह सूचना सही है तो आप समझें की लोकतंत्र और संविधान के साथ कितना बड़ा धोका है और साथ जनता के साथ भी ।।हलांकिकांग्रेस्स की शिकायत पर : मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली की जांच के लिए चुनाव आयोग ने एक टीम बनाने का फ़ैसला किया है जो भोपाल और नर्मदापुरम जाएगी तथा 7 जून तक चुनाव आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

कांग्रेस का आरोप है कि साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र सत्तारूढ़ बीजेपी मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली कर रही है. कांग्रेस ने इसके लिए कई उदाहरण भी दिए जिसमें एक ही फोटो और एक नंबर पर कई कई मतदाता पहचान पत्र बनाए गए हैं. गौरतलब है कि एक स्टार्टअप thepolitics.in ने दावा किया था कि कई पोलिंग बूथ में एक नाम से और एक तस्वीर पर कई- कई मतदाता हैं. thepolitics.in की गड़बड़ियों वाली मतदाता सूची मीडिया के हाथ भी लगी थी. चुनाव आयोग ने इसे देखने के बाद लिस्ट से खामियां दूर करने की बात कही थी.

कांग्रेस ने कहा था कि इन दस्तावेजों का पुलिंदा वो दिल्ली लेकर जाएंगे क्योंकि प्रदेश में ऐसे 1-2 नहीं बल्कि 60 लाख फर्जी वोटर हैं जिसे सराकर ने प्रशासन की मदद से तैयार किया है. कांग्रेस प्रवक्ता मानक अग्रवाल ने कहा था, ‘एक फोटो है, 40 लोग मतदान कर रहे हैं, उसमें भी पुरूष हैं, महिला भी. पूरे मध्यप्रदेश में हुआ है, हमें जो जानकारी है उसमें 60 लाख फर्जी वोट तैयार किये गये हैं, सारे कलेक्टरों का उपयोग किया गया है. उनको माध्यम बनाया है बीजेपी सरकार ने

वहीं बीजेपी ने भी कहा था कि ऐसी लिस्ट की जांच हो और खामियां दूर की जाएं. पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा था, ‘वोटर लिस्ट में गलती है तो उसका निराकरण हो लेकिन कहा जाता है कि वोटर लिस्ट ब्रेक नहीं हो सकता ये भी जांच का विषय है. इसमें सरकार या सरकारी अमले का लेना देना नहीं है, चुनाव आयोग को जांच करनी चाहिये.’

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