लोकसभा में सांसद कुँवर दानिश अली ने गन्ना किसानो के चीनी मीलों पर बकाया राशि के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए सरकार से मांग की

Date:

5 अगस्त 2022
प्रेस विज्ञप्ति

आज फिर लोकसभा में सांसद कुँवर दानिश अली ने गन्ना किसानो के चीनी मीलों पर बकाया राशि के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए सरकार से मांग की है की गन्ना किसानों के गन्ना की बकाया राशि जो चीनी मीलों के ऊपर वर्षों से बकाया है उसे जल्द से जल्द गन्ना किसानों को दिया जाए तथा जो भी बकाया राशि है उसपे गन्ना किसानों को चीनी मिलें ब्याज दें।
आज लोकसभा में सांसद कुँवर दानिश अली ने शुन्यकाल के दौरान गन्ना किसानों के मुद्दा उठाते हुए कहा के उत्तर प्रदेश में किसानों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। पहले गेहूं के किसानों ने गेहूं का उत्पादन किया। उन्हें यह लग रहा था कि गेहूं का अच्छा भाव मिलेगा, लेकिन सरकार ने गेहूं का निर्यात बंद कर दिया। अभी गन्ना किसानों की हालत यह है कि चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का कितना बकाया है, उत्तर पद्रेश सरकार ने यह पारदर्शिता भी बंद कर दी है। पूरे उत्तर प्रदेश का आंकड़ा हमारे पास नहीं आ रहा है। मेरे संसदीय क्षेत्र में सिर्फ सिंभावली शुगर फैक्ट्री पर 250 करोड़ रुपए गन्ना किसानों का बकाया है।
मैं सरकार से यह आग्रह करूंगा कि उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देशित करे कि वह आंकड़ा उपलब्ध कराए कि पूरे उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का कितना बकाया है? गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान तुरंत कराया जाए। गन्ना किसानों के बकाये राशि पर ब्याज दिया जाए। अगर किसान खाद और बीज के लिए लोन लेते हैं तो बैंक उनसे ब्याज लेते हैं। किसानों को बैंकों को ब्याज देना पड़ता है। नहीं देने पर उनकी कुर्की होती है, उनको जेल में डाला जाता है।
गन्ना किसान साल भर मेहनत करके गन्ना पैदा करते हैं और वे गन्ना चीनी मिल को देते हैं, लेकिन चीनी मिल समय पर उनको भुगतान नहीं करता है। सरकार गन्ना किसानों को उनका हक दिलाए, ब्याज के साथ गन्ना किसानों का बकाया दिलाए।

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