कर्नाटक की सियासी जंग का नतीजा कितना होसकता है भयानक , ज़रा देखें

Date:

कुमारस्वामी का बीजेपी की दुश्मनी से कांग्रेस की दोस्ती तक का सफर

 

कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने के बाद जितनी तेज़ी से बी.एस. येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उतनी ही तेज़ी से उन्होंने इस्तीफ़ा भी दे दिया है और कर्नाटक में बीजेपी की सरकार गिर चुकी है.

इस पूरे घटनाक्रम मैं अमित शाह और प्रधान मंत्रो मोदी की रणनीति को ठेस पहुंची है , साथ ही विशेषज्ञों का मानना है की कांग्रेस और विपक्ष के होंसले भी बुलंद हुए हैं . यह बात भी यहाँ साफ़ हुई है की सर्वोच्च न्यायालय मैं लोकतंत्रऔर संविधान को बचाने की अभी शक्ति बाक़ी है और यह बात कमज़ोर पड़ती नज़र आई है की RSS और BJP विचार धरा ने नयायपालिका को पूरी तरह से खरीद लिया है .हालांकि कुछ फैसलों से देश मैं इस तरह की चर्चा आम होचली थी की नयायपालिका पर संघी विचारधारा हावी आगई है , जबकि यह बात कुछ judges की भूमिका को लेकर कही जारही है.

कांग्रेस का दावा था कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद बी.एस. येदियुरप्पा एक दिन के मुख्यमंत्री बन कर रह जाएंगे और जेडीएस के साथ उनके गठबंधन की अगली सरकार बननी तय है. इसे देखते हुए लग रहा है कि कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी होंगे.

हालांकि रेड्डी ब्रदर्स के साथ अचानक 2 विधायकों का ग़ायब होने से सियासी ड्रामे में twist आगया था ,और Hourse Trading की प्रक्रया की बातें सामने आने लगी थीं किन्तु एच डी रामास्वामी और कांग्रेस लीडरशिप की चुस्ती और कुशलता के चलते बीजेपी द्वारा विधायकों की खरीद व् फरोख्त की प्रक्रया सक्रिय न होसकी , साथ ही सर्वोच्च न्यायलय द्वारा समय न दिए जाने से भी hourse ट्रेडिंग के chances काम होगये .

मुख्यमंत्री पद और कुमारस्वामी के बीच एक ‘अगर’ का फ़ासला था जो पूरा होगया . येदियुरप्पा सरकार विश्वास मत पेश नहीं कर पाई. शनिवार का दिन कुमारस्वामी की किस्मत में मुख्यमंत्री बनने की नई आस लेकर आया है.और इसमें कांग्रेस की भूमिका सबसे अहम होगी.

लेकिन उससे पहले ये समझना भी ज़रूरी है कि कैसे हुआ जेडीएस और कांग्रेस के गठबंधन का फ़ैसला?

2018 के हालिया विधानसभा चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद, कुमारस्वामी ने कहा, “साल 2006 में बीजेपी के साथ जाने के मेरे फ़ैसले के बाद में मेरे पिता के करियर में एक काला धब्बा लगा था. भगवान ने मुझे इस ग़लती को सुधारने का मौक़ा दिया है और मैं कांग्रेस के साथ रहूंगा.”

लेकिन क्या कुमारस्वामी और कांग्रेस के रिश्ते हमेशा से इतने ही अच्छे रहे हैं और बीजेपी के साथ हमेशा से ख़राब?

इस सवाल के लिए इतिहास में झांकने की ज़रूरत पड़ेगी.

दरअसल 2006 में JDS और BJP का गठबंधन हुआ था और यह तय पाया था की ढाई वर्ष दोनों पार्टीज का मुख्यमंत्री रहेगा , और पहली पारी JDS ने खेलने का फैसला लिया और कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया गया , जैसे ही ढाई वर्ष उसके पूरे हुए कुमारस्वामी ने पलटी मारते हुए पार्टी का गठबंधन तोड़ दिया .

इसके बाद से कहा जाता है की दोनों धुर विरोधी होगये , इस बार के कर्नाटक के सियासी हालात से लग रहा था की ज़रुरत पड़ने पर जेडीएस बीजेपी के साथ जासकता है क्योंकि सियासत में कुछ भी चलता ,इसमें कोई नैतिकता नहीं चलती ,किन्तु कुमारस्वामी ने पूरे विश्वास के साथ यह बात कही थी 2006 में जो ग़लती होगई वो मैं नहीं दोहराऊंगा और हर हाल में कांग्रेस के साथ रहूँगा.

यह बात कांग्रेस को भा गयी और उसने भी बिना शर्त JDS को समर्थन का ऐलान करदिया था , हालांकि सेक्युलर लोकतान्त्रिक फ्रंट बनाने के कांग्रेस के मिशन को इससे बल मिलेगा और 2019 में कांग्रेस का यह फैसला काम आसकता है जो देश की सियासी तक़दीर को भी बदलने का काम करेगा , बशर्ते JDS और Congress के इस सियासी निकाह में तलाक़ की कोई नौबत न आये , और सब ठीक ठाक चलता रहे .

कर्नाटक की इस सियासी जंग का नतीजा कितना भयानक होसकता है इसका अभी हमारे पंडितों को भी अंदाजा नहीं है , देश के कई सूबों में में लाया जासकता है विश्वास मत का प्रस्ताव , जिसके चलते कर्नाटक को उदाहरण बनाकर न्यायालय का विपक्ष पार्टियां करसकती हैं रुख . यदि विपक्ष पूरे भरोसे और विशवास के साथ आती है तो विश्वास मत जीतने की शुरुआत सफल होसकती है .
टॉप ब्यूरो

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Faith, Prayer and Means: An Islamic Perspective on Balance

Faith in the existence and oneness of Allah does...

कॉक्रोच जनता पार्टी को मिला किसान मोर्चे का समर्थन

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) का कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP)...

ईरान पर आज रात हो सकता है बड़ा हमला?

ट्रंप ने ईरान को फिर दी सैन्य कार्रवाई की...

गुजरात के कई मुसलमानों को हाई कोर्ट से मिली राहत

सूरत के नासिरनगर में घर टूटने के बाद बेघर...