कर्नाटक की कांग्रेस-जद (एस) साझा सरकार टूट की कगार पर

Date:

कर्नाटक की कांग्रेस-जद (एस) साझा सरकार टूट की कगार पर

अब बागी विधायकों की संख्या पहुंची 15 पर । इससे पहले सोमवार को निर्दलीय विधायक एच नागेश ने भी मंत्रिपद से इस्तीफा दे दिया था।

जबकि दानिश की दानाई की चर्चा है बैंगलोर के सियासी गलियारों में

Top Bureau//special correspondent

नई दिल्ली: कर्नाटक की कांग्रेस – जद (सेक्युलर ) के गठबंधन की सरकार शुरू दिन से ही असमंजस का शिकार रही , समय समय पर खतरों के बादल मंडराते रहे , अपनों और परायों की साज़िशों के शिकार मुख्यमंत्री HD कुमार स्वामी भी शायद अब इस साझे की हांडी से तंग आ चुके होंगे जो पकने से पहले ही बाद नियतों की शिकार रही है ।

16 माह पुरानी एचडी कुमारस्वामी सरकार अब कितने दिन की मेहमान है यह तो पता नहीं लेकिन BJP को ज़रूर छींके के फूटने का बेसब्री से इंतज़ार है ।HD कुमारस्वामी की सरकार को समर्थन दे रहे 15 विधायकों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। इनमें दस कांग्रेस के, तीन जेडीएस और दो निर्दलीय हैं।

कुंवर दानिश की याद तो आती होगी कुमारस्वामी को ,  इस मुश्किल घडी में जब JD (S)
और ख़ास तौर पर कुमारस्वामी की नैया मझदार में है , दानिश अली JDS के अमित शाह कहे जाते हैं , जोड़ तोड़ में महारत को लेकर जबकि नज़रयाती तौर पर बड़ा फ़र्क़ है , बल्कि नार्थ और साउथ पोल का मामला है  दोनों की विचार धारा में ।

राज्य में सत्तारूढ़ जेडीएस और कांग्रेस के पास जो विधायक अब बचे हुए हैं उन्हें ये दोनों पार्टियां गोलबंद कर ना मालूम स्थानों पर ले जाने में व्यस्त होगी हैं जहां ट्रेडिंग ना होसके । जेडीएस और कांग्रेस को डर है कि बीजेपी उसके बाकी सांसदों को भी डरा धमका कर या लालच देकर अपने पक्ष में कर सकती है , इस वक़्त सभी ग़ैर BJP पार्टियों की हालत भेड़ के रेवड़ की सी होगई है , जो हर आहट पर उनको भेड़िये का आभास कराती है ।और BJP भी सभी ग़ैर BJP राज्यों में सत्ता रूढ़ पार्टियों के क़िले में गोला बारी करने में कोई कसार भी नहीं उठाकर रखना चाहती है , ताकि पूरे देश में सिर्फ BJP का ही झंडा लहराकर एक बार तो दिखा ही दिया जाए ।

हालांकि बीजेपी ऐसे सभी आरोपों का खंडन करती रही है और करना भी चाहिए । बीजेपी की मांग है कि कुमारस्वामी अब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दें क्योंकि उनकी सरकार अल्पमत में आ गई है।जिसका BJP को इन्तज़ार था ।

हाल ही में मंत्री बने केपीजेपी के विधायक आर शंकर ने भी सरकार का साथ छोड़ दिया है। आर शंकर के इस्तीफे के बाद अब बागी विधायकों की संख्या 15 हो गई है। इससे पहले सोमवार को निर्दलीय विधायक एच नागेश ने भी मंत्रिपद से इस्तीफा दे दिया था।

अपने इस्तीफे के ठीक बाद वह विशेष विमान से मुंबई के लिए रवाना हो गए। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या कुमारस्वामी की सरकार अब अल्पमत में आ चुकी है। हालांकि कर्नाटक सरकार अपने पास बहुमत होने का अभी भी दावा कर रही है।

गौरतलब है कि सोमवार को पहले निर्दलीय विधायक नागेश ने मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कांग्रेस के सभी 21 मंत्रियों ने मंत्रीपद छोड़ दिया , कांग्रेस के विधायकों के बारे में यह समाचार भी गश्त करता रहा है की वे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमय्या के संपर्क में अक्सर रहे हैं ,उधर सिद्धरमय्या स्वयं HD कुमारस्वामी के CM बनने से ना खुश रहे हैं ऐसा बताया जाता रहा है और उनकी activities से भी प्रतीत होता रहा ।

एआईसीसी महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस के मंत्रियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है, मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर फैसला पार्टी पर छोड़ दें। कांग्रेस के बाद जेडीएस के भी सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। कर्नाटक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि कांग्रेस की तरह जेडीएस के भी सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है , नए कैबिनेट का जल्द ही पुनर्गठन होने का भी समाचार कार्यालय ने दिया है ।

यह कदम उन खबरों के बीच उठाया गया है जिनके मुताबिक गठबंधन सरकार के मंत्रियों से इस्तीफा देने वाले असंतुष्ट विधायकों की खातिर अपना पद छोड़ने को कहा गया है। इस्तीफे स्वीकार होने की सूरत में सत्तारूढ़ गठबंधन अपना बहुमत खोने की कगार पर पहुंच जाएगा।

हालाँकि इस्तीफ़ा देने की धमकी का सिलसिला जारी है एक और कांग्रेसी विधायक ने सोमवार तक इस्तीफा देने की धमकी दी है। कर्नाटक के मंत्री एवं बीदर उत्तर के विधायक रहीम महमूद खान ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को अपनी समस्याओं के बारे में सूचित कर दिया है और उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर के निवास पर बैठक के बाद फैसले लेने की बात कही।

खेल एवं युवा सशक्तिकरण मंत्री खान ने बताया, मेरे विभाग को इस साल केवल 15 करोड़ रुपये का बजट मिला और यह भी फिलहाल ही जारी किया गया है। इस राशि में से 13 करोड़ रुपये पुराने बिलों को चुकाने में लग जाएंगे। मैं शेष दो करोड़ रुपये के साथ कर्नाटक भर में विभिन्न परियोजनाओं को कैसे पूरा करुंगा? खान ने कहा कि वह बागी समूह के साथ नहीं जाना चाहते लेकिन स्थिति ने उन्हें फैसला लेने पर मजबूर तो किया है।

आपको हम बता दें जद (एस)-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के विधानसभा में कुल 118 विधायक हैं। इनमें इस्तीफा दे चुके विधायक भी शामिल हैं। इन 118 विधायकों में से अध्यक्ष के अलावा 78 कांग्रेस के, 37 जद (एस) के, बसपा का एक और दो निर्दलीय विधायक हैं। सदन में भाजपा के 105 विधायक हैं जबकि बहुमत साबित करने केलिए ११३ विधायकों का आंकड़ा चाहिए । अगर इस्तीफे स्वीकार होते हैं तो गठबंधन के सदस्यों की संख्या 105 पर आ जाएगी।

अब ऐसे में BJP जो हॉर्स ट्रेडिंग और जोड़ तोड़ में माहिर बताई जाती है उसने भी अपना काम शुरू करदिया होगा लेकिन कर्नाटक सियासत का यह बावला ऊँट किस करवट बैठेगा अभी कुछ कहा जासकता ,मगर इस तरह के घटनाक्रमों से राज्यों राष्ट्र और जनता का जो भरी नुकसान होता है उसकी तरफ किसी की निगाह नहीं जाती जो दयनीय और विचारणीय है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट, सरकार दबाव में?

Edited by mukesh Yadav करीब 10 अरब डॉलर का झटका,...

An Open Letter to Shri Yogi Adityanath Ji

Shri Yogi Adityanath Ji: Reflections on Governance and Social...

राहुल गांधी का अल्पसंख्यक विभाग के ज़िला अध्यक्षों से सीधा संवाद

राहुल गांधी ने किया कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के ज़िला...

NEET UG 2026: पुनर्परीक्षा की तैयारियों की केंद्रीय मंत्री ने की समीक्षा

धर्मेंद्र प्रधान ने निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु NEET परीक्षा...