अस्पताल में प्रसूताओ की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का संज्ञान

अस्पताल में प्रसूताओ की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का संज्ञान, राजस्थान के मुख्य सचिव से 4 सप्ताह में जवाब तलब

कोटा 16 मई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कोटा के सरकारी अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओ की मृत्यु की घटना का गंभीर संज्ञान लिया है। आयोग ने मानवाधिकार अधिवक्ता अन्सार इन्दौरी की शिकायत पर केस नंबर 958/20/21/2026 दर्ज कर राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव से विस्तृत कृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।

एडवोकेट अन्सार इन्दौरी ने बताया कि पीड़ित परिवारों द्वारा लगाए गए चिकित्सीय लापरवाही के आरोपों और समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर भेजी गई शिकायत पर संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की है। प्रकरण में परिजनों ने शव लेने से इनकार कर अस्पताल में धरना दिया था।

अस्पताल में प्रसूताओ की मौत

उन्होंने बताया कि आयोग ने दिनांक 15.05.2026 को आदेश जारी कर राजस्थान के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चार सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट एवं की गई कार्रवाई का विवरण मांगा है। उन्होंने बताया कि आयोग ने विशेष रूप से जिन बिंदुओं पर जवाब मांगा है उनमें प्रसूता की मृत्यु के कारण एवं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट,अस्पताल में डॉक्टरों/स्टाफ की उपलब्धता एवं ड्यूटी रोस्टर,मौतों के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम,पीड़ित परिवारों को दी गई सहायता/मुआवजे की स्थिति और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रस्तावित व्यवस्था शामिल हैं।

अपने बयान में अन्सार इन्दौरी ने कहा कि प्रसूताओं की मृत्यु ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से मौतें हुईं। यह घटना अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षित मातृत्व एवं जीवन के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि NHRC का संज्ञान पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की उम्मीद जगाता है। राज्य सरकार को अब पारदर्शिता के साथ जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी होगी।

नोट: यह प्रेस विज्ञप्ति जनहित में जारी की जा रही है

जारीकर्ता
एडवोकेट अन्सार इन्दौरी
मानवाधिकार अधिवक्ता
8955994260

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