
कराची यूनिवर्सिटी में हमले के बाद पाक से उठा चीन का भरोसा, पाकिस्तानी समिति ने खुद मानी बातकराची यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों दिनों बलूचिस्तान विद्रोही संगठन से जुड़ी एक बुर्काधारी महिला ने आत्मघाती धमाका कर दिया था। इस हमले में तीन चीनी मूल के शिक्षकों समेत 4 लोगों की मौत हो गई थी।
बीते तीन सालों में चीनी नागरिकों को निशाना बनाते हुए किया गया पाकिस्तान में यह चौथा अटैक था। अब तक पाकिस्तान को हमले को लेकर चेतावनी देते आए चीन का अब उस पर से भरोसा ही उठ गया है। खुद पाकिस्तान की सुरक्षा मामलों की संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है। सीनेट डिफेंस कमिटी के चेयरमैन मुशाहिद हुसैन ने कहा, ‘पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था में चीन का भरोसा खत्म हुआ है कि वह उसके नागरिकों और हितों की रक्षा कर सकेगा।
‘चीन ने पाकिस्तान से कराची में हुए ब्लास्ट में शामिल आतंकियों को गिरफ्तार करने की मांग की है. 26 अप्रैल को पाकिस्तान की कराची यूनिवर्सिटी में एक आत्मघाती हमला हुआ था. इसमें 3 चीनी और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हुई थी. इस हमले को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की आत्मघाती हमलावर शैरी बलूच ने अंजाम दिया था. पाकिस्तान में पिछले कुछ सालों में चीनी नागरिकों पर हमले बढ़े हैं.
पाकिस्तान में चीन के उप राजदूत पांग चुनक्स्यू ने गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह से मुलाकात की और पाकिस्तान में चीनी नागरिकों की सुरक्षा समेत तमाम मुद्दों पर बात की. गृह मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान के गृह मंत्री सनाउल्लाह ने मीटिंग में कहा कि उनका देश यहां काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे संसाधनों का इस्तेमाल कर रहा है.
गृह मंत्री ने कहा, पाकिस्तान में चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम पूरे संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं, चीनी उप राजदूत चुनक्स्यू ने कहा, उनका देश चाहता है कि कराची मामले में पूरी जांच हो और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले.
इस दौरान राणा सनाउल्लाह ने कराची हमले में मारे गए चीनी नागरिकों की मौत पर दुख जताया. बयान में कहा गया है कि दोनों नेता चीनी दूतावास और पाकिस्तानी मंत्रालय के बीच सहयोग बढ़ाने में सहमत हुए हैं, ताकि चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.