जातीय आधार पर दलित विद्यार्थियों पर हमलों का सिलसिला जारी

लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विवि लखनऊ के अंबेडकरवादी छात्र श्रेयात बौद्ध के साथ दो अन्य साथियों पर भी हमला किया गया था। बताया जा रहा है कि हमला कराए जाने में विवि के प्रोफेसर सहित एक आउट सोर्सिंग के ठेकेदार का हाथ है। श्रेयात बौद्ध के साथियों ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रोफेसर और ठेकेदार द्वारा भेजे गए हमलावर घात लगाए बैठे थे। जैसे ही ये छात्र दिखाई दिए तो उनपर यह कहकर टूट पड़े कि “बहुत बड़े नेता हो गए हो”। इसके बाद हमलावरों ने श्रेयात बौद्ध, अश्वनी रंजन और अमन कुमार पर विवि के गेट नं तीन पर ईंटों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में अश्वनी रंजन और अमन कुमार तो अपनी जान बचाकर भाग निकले लेकिन श्रेयात बौद्ध को काफी गंभीरे चोटें आई हैं।

ये छात्र विवि में प्रोफेसर द्वारा किये जा रहे महिलाओं के शोषण, भ्रष्टाचार, अनैतिक कार्यों के बारे में लगातार खुलासे करवाने में लगातार संघर्ष कर रहे हैं। प्रोफेसर को जातिवादी मानसिकता के कारण प्रॉक्टर के पद से भी इन छात्रों ने हटवाया था। जिसमें श्रेयात और अश्वनी रंजन अम्बेडकर यूनिवर्सिटी दलित स्टूडेंट्स यूनियन (AUDSU) के सक्रिय सदस्य भी हैं। AUDSU लगातार विवि के अंदर चल रही अराजकता को उजागर कर रहे थे।

इसके बाद प्रोफेसर ने श्रेयात सहित अन्य लड़कों को देख लेने की धमकी दी थी। एक छात्र बसन्त कनौजिया को भी ठेकेदार ने जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके परिणति 20 अगस्त 2017 की रात हमले के रूप में सामने आई। इस मामले की प्राथमिकी पीड़ित छात्रों की तरफ से दर्ज करा दी गई है।

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