हिजाब के बिना कॉलेज जा रहीं छात्राएं, शिक्षा विभाग ने कहा-अच्छा संदेश

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हिजाब के साथ ही कक्षा में आने पर अड़ी छात्राओं ने माफी मांग ली और हिजाब को उतार फेंका. अब वे वापस कॉलेज लौट आई हैं, बिना हिजाब के शिक्षा पाने.

छात्राओं का यह कदम सरकार के लिए भी बड़ी राहत बनकर आया है. जानकारी के मुताबिक कर्नाटक के शिक्षण संस्थान में लंबे समय से हिजाब पहनने की जिद करने वाली छात्राओं ने अब हिजाब के बिना ही कक्षाओं में जाना शुरू कर दिया है. छात्राओं के इस कदम से कर्नाटक सरकार के शिक्षा विभाग को राहत मिली है.

सूत्रों ने कहा कि यह एक स्वागत योग्य घटनाक्रम है जो हिजाब पहनने पर जोर देने वाली अन्य छात्राओं को इसे छोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है.

दक्षिण कन्नड़ जिले के उप्पिनंगडी में सरकारी प्रथम श्रेणी कॉलेज से हिजाब पहनने पर जोर देने के लिए निलंबित की गई सात छात्राओं ने माफी पत्र जमा किया है और कक्षाओं में भाग लेना शुरू कर दिया है.

कॉलेज के प्राचार्य शेखर एम. डी. ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि छात्राएं निलंबन की अवधि पूरी होने के बाद बुधवार से कक्षाओं में भाग ले रहीं हैं.101 में से 45 छात्रों ने कक्षाओं में भाग लेना शुरू कर दिया, जिन्होंने जोर देकर कहा था कि वे केवल हिजाब पहनकर ही कक्षाओं में भाग लेंगी. इस सप्ताह की शुरूआत में उप्पिनंगडी कॉलेज से कक्षाओं में हिजाब पहनने के लिए 24 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया था.

शिक्षा विभाग के सूत्रों ने कहा कि छात्राओं के इस कदम से विभाग को काफी राहत मिली है, जो अन्य लोगों को भी एक अच्छा संदेश देगा.

आशचर्य की बात है की किसी के मज़हब का एक मेहताव हिसा खोने पर सरकार को राहत मिल रही है जबकी अभी ज़्यादातर छात्रों ने बिना हिजाब के कॉलेज जाना शुरू भी नहीं किया है.

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