गुजरात में बारिश का क़हर , घरों की छतों तक पहुंचा पानी, 70 की मौत ,25 हजार बचाए गए,

अब तक 70 से ज़्यादा लोगों की मौत की खबर आरही है वहीं क़रीब 25 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. इस काम में पिछले तीन दिनों में वायुसेना और एनडीआरएफ़ की टीम जुटी है.

अहमदाबाद: गुजरात में बाढ़ से बुरा हाल है. राज्यभर में बाढ़ की वजह से 70 से ज्यादा लोगों की मौत भी हुई है. कई जिलों के रिहायशी इलाकों में पानी भरा हुआ है. साथ ही राज्य की ज़्यादातर नदियां उफ़ान पर हैं, जिससे यहां के 10 से ज़्यादा ज़िलों में बाढ़ है या बाढ़ जैसे हालात हैं. वहीं क़रीब 25 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. इस काम में पिछले तीन दिनों में वायुसेना और एनडीआरएफ़ की टीम जुटी है. एनडीआरएफ़ की 6 और टीमों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत के लिए भेजा गया है. साथ ही बीएसएफ और सेना के जवान भी राहत में जुटे हैं. इसी बीच वायुसेना द्वारा एक गर्भवती महिला को सुरक्षित बचाये जाने की खबर है जिसने 2 बच्चों को जन्म दिया है .

यहां के बनासकांठा के नेशनल हाइवे, 20 स्टेट हाइवे के अलावा करीब 300 से ज़्यादा सड़कें बुरी तरह प्रभावित हैं. दिल्ली और अहमदाबाद के बीच के रेल रूट भी प्रभावित है, क्योंकि उत्तरी गुजरात के कुछ इलाकों में रेल ट्रैक पूरी तरह पानी में डूब गया है. धारोई डैम से पानी छोड़े जाने से पहले राज्य के खेड़ा और आणंद ज़िले में अलर्ट जारी किया गया है.

राजस्थान में पिछले क़रीब 10 दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. बाढ़ की वजह से यहां 11 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. चुरू, जोधपुर, नागौर, जालौर, उदयपुर और पाली में हालात सबसे ज़्यादा ख़राब हैं. एनडीआरएफ़ और सेना की टीम ने बचाव और राहत के काम में जुटी है. बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है, लेकिन कुछ इलाकों में लगातार हो रही बारिश की वजह से राहत और बचाव के काम में परेशानी हो रही है. जोधपुर में सुधमाता बांध के टूटने से यहां के कई गांवों में पानी भर गया है. कुछ जगहों पर एहतियातन स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है. वहीं बाड़मेर ज़िले के रेगिस्तानी इलाकों में भी पानी भर गया है. मौसम विभाग के मुताबिक- आने वाले दो दिनों तक यहां और बारिश होने की संभावना है.

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