पुलिस प्रशासन दुर्घटना के बतौर प्रचारित कर गुनहगारों को बचा रहा है:रिहाई मंच

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लखनऊ 25 मार्च 2016। सीतापुर के लहरपुर थाने के पट्टी देहलिया गांव में  प्रधानी चुनाव में दबंग प्रत्याशी को वोट न देने के कारण दबंगों ने कहार समाज के 16 घरों को जलाकर पूरी तरह राख कर दिया जिससे 35 से अधिक परिवार प्रभावित हैं। जिसमें रमाकांत व रजनी देवी की 3 वर्षीय बेटी प्रियांशी व सियाराम व सुनीता देवी का 8 वर्षीय बेटा मुकेश जलकर राख हो गए। इस अग्निकांड में किशोरी गंभीर रूप से जल गए तो वहीं बस्ती के अधिकांश महिला व पुरुष झुलस गए। 12 मवेशी भी जलकर मर गए और लाखों रुपए की संपत्ती का नुकसान हुआ।
एफआईआर दर्ज कराने गए पप्पू ने बताया कि घटना के बाद वे जब थाने जाकर कमलेश वर्मा द्वारा लगाई गई बस्ती में आग पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कोतवाल से कही तो उन्होंने उसे डांटा और कहा कि ऐसा एफआईआर दर्ज कराओगे तो तुम लोगों को कुछ नहीं मिलेगा। जिसपर उसने कहा कि हमारे दो-दो छोटे-छोटे बच्चे इस आग में जल गए और हम उसके दोषी कमलेश वर्मा पर क्यों न एफआईआर दर्ज कराएं। बहुत मुश्किल से बाद में एफआईआर दर्ज हुआ पर आज तक कमलेश की गिरफ्तारी नहीं हुई।
आपराधिक घटना के बावजूद ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए एक पुलिस कर्मी का भी मौजूद न रहना दर्शाता है कि पीडि़तों की सुरक्षा की चिंता नहीं , दबंगों को दोषियों पर दबाव बना ले जाने की खुली छूट देना चाहती है। प्रशासन की  मंशा इस तथ्य से भी होती है उनका जोर इसी पर था कि आग लगने की घटना दुर्घटनावश हुई है ।पुलिस प्रशासन दुर्घटना के बतौर प्रचारित कर गुनहगारों को बचा रहा है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि इस नृशंस आपराधिक अग्निकांड जिसमें दो मासूम बच्चे जिंदा जलकर मर गए को  इस पूरे मामले पर जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट लाई जाए जिनके घर जले हैं उन्हें सरकारी आवास योजना के तहत पक्के मकान आवंटित किए जाएं व मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रूपए मुआवजा दिया जाए, प्रशासन तत्काल अंतरिम सहायता के बतौर खाद्य सामग्री व कपड़े और बिस्तर उपलब्ध कराए व पीडि़तों की सुरक्षा की गारंटी करे।
घटना स्थल का दौरा करने वालों में रिहाई मंच के अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब, मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित व सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप पाण्डेय, संगतिन किसान मजदूर संगठन रिचा सिंह, भाकपा माले रेड स्टार के डा0 बृज बिहारी, राजीव यादव, शाहनवाज आलम, पिछड़ा समाज महासभा के अध्यक्ष एहसानुल हक मलिक व महासचिव शिव नारायण कुशवाहा, इंसाफ अभियान के शबरोज मोहम्मबी, शकील कुरैशी, मौलाना इरशाद, मो0 अबू अशरफ, बीएचयू छात्र मोनीश बब्बर, आचार्य नरेन्द्र देव युवजन सभा के पवन सिंह यादव, हाजी जावेद, डा0 एजाज, अकरम अली, शेख सिराज, अनुराग आग्नेय, प्रशांत मिश्रा, बुद्धि प्रकाश अमर शिवा मिश्रा थे।

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