रामणी में उमड़ा आस्था का सैलाब, नंदा की डोलियां कैलाश रवाना

गोपेश्वर, 13 सितम्बर । मां नंदा की बड़ी जात में रामणी गांव में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बंड और दशोली की नंदा डोलियों के साथ 80 से अधिक छंतोलियां और हजारों श्रद्धालु कैलाश की ओर रवाना हुए। लोकगीतों और जागरों के बीच ग्रामीणों ने डोलियों और छंतोलियों को अगले पड़ाव के लिए विदा किया।

रामणी से बंड नंदा डोली और कुरुड़-दशोली की नंदा डोली के साथ बंड, दशोली, फर्स्वाण फाट, क्षेत्रपाल और निजमुला घाटी की छंतोलियां यात्रा में शामिल हुईं। यात्रा रामणी से घुनी, पेडर गांव, चैंधघाट और जोखना होते हुए रात्रि विश्राम के लिए आला गांव पहुंची। रास्ते में ग्रामीणों ने देव डोलियों और छंतोलियों का भव्य स्वागत किया। आला गांव में ग्रामीण हीरा सिंह सहित ग्रामीणों ने सभी डोलियों और छंतोलियों का स्वागत किया।

रामणी में बड़ी जात के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ ने 12 साल पहले हुई नंदा राजजात की याद ताजा कर दी। स्थानीय लोगों के अनुसार इस बार बड़ी जात में श्रद्धालुओं का रेला पिछली राजजात से भी अधिक नजर आया। आस्था और श्रद्धा से सराबोर श्रद्धालु नंदा के जयकारों के साथ कैलाश की ओर बढ़ रहे हैं।

तीन दिवसीय नंदा मेले का समापन

रामणी में आयोजित 37वें श्री नंदा लोक सांस्कृतिक पर्यटन विकास मेले का भी समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में बंड विकास संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, देवेंद्र नेगी, अयोध्या हटवाल, जगदंबा हटवाल, लछम सिंह चैहान, मेला अध्यक्ष सूरज पंवार, पूर्व प्रमुख करण सिंह नेगी और ग्राम प्रधान कुंवर लाल सहित कई लोग मौजूद रहे।

मां नंदा पांडव धौलजगरी सांस्कृतिक कला मंच नारंगी, नंदानगर की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मेले में लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था का रंग देखने को मिला।

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