बुलंदशहर:युपी हिंदुस्तान की राजनीति में कई मामलों में अक्सर चर्चा का विषय रही है।आजकल लोक सभा चुनाव के माहोल में sp-bsp और रालोद का सियासी गठबंधन पूरे देश में चर्चित है।
भाजपा की नीतियों से परेशान जनता की नब्ज को पहचान कुछ तथाकथित सेकुलर पार्टियोँ ने bjp को मात देने के लिये गठबंधन की क़वायद को अपनाया,जिसका लाभ इन पार्टियोँ को होता दिखने लगा है,हालांकि तस्वीर 23 मई को ही साफ होसकेगी।
भाजपा से मुकाबले के लिए सपा-बसपा-रालोद के बलंद शहर सीट के लोक सभा प्रत्याशी योगेश वर्मा काफी आश्वस्त नज़र आते हें । मेरठ मंडल की एकमात्र आरक्षित बुलंदशहर सीट बसपा के खाते में गई है।
बसपा ने हस्तिनापुर (मेरठ) के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को इस सीट से उम्मीदवार बनाया है। बसपा से निष्कासित होने पर योगेश हस्तिनापुर से ही निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए थे।फिर वर्ष 2017 में बसपा प्रत्याशी के रूप में भी हस्तिनापुर से ही हार गए।
बीते वर्ष दो अप्रैल को ‘भारत बंद’ आदोलन के दौरान उन्हें जेल जाना पड़ा। इस दौरान वर्मा के विरुद्ध कई मुकदमे दर्ज कर दिये गए । अब योगेश वर्मा फिर मैदान में हैं और जीत का दावा कर रहे हैं। टाइम्स ऑफ़ पीडिया संवाददाता मुकेश यादव ने ताजा चुनावी हालात पर उनसे बातचीत की। पेश है मुख्य अंश..
Q:बुलंदशहर पिछले कई term से भाजपा के क़ब्ज़े में है,ऐसे में प्रतिद्वंद्वी को परास्त करने की आपकी रणनीति क्या है ?
– देखीये जो काम भाजपा सांसद नहीं करा सके, उन कामों को करना मेरी प्राथमिकता रहेगी । भ्रष्टाचार दूर कर क्षेत्र का चहुंमुखी विकास करके और जिसकी अनदेखी भाजपा सासद करते रहे हें जनता के उन दुख-दर्द को दूर किया जाएगा।
मेने अपने दौरो में पाया कि जिले का एक भी गाव ऐसा नहीं है जहा भाजपा सासद का विरोध नहीं हो रहा है। अनूपशहर में छोटा काशी बनाने व जिले को दिल्ली के साथ रेलमार्ग से जोड़ने का वादा जो अधूरा है , ऐसे सभी वादों को पूरा करना ही हमारा उद्देश्य रहेगा।
वर्मा ने कहा सासद के खाते में विकास कार्यों के लिए अरबों की रक़म आई, लेकिन उस्का इस्तेमाल नहीं किया। । यह बात मैं जनता तक पहुंचाकर सासद को घेरूंगा। मैं बुलंदशहर को बुलंद बनाने के इरादे से आया हूं। मेरा मुख्य मुद्दा हाईकोर्ट बेंच गठन के साथ रेलवे सुविधा बेहतर कराना, विश्वविद्यालय स्थापित कराना, किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम दिलाना और रोजगार के अवसर पैदा करना हैं जैसे बड़े मुद्दों पर हम जनता से वोट मांग रहे हें।
Q: आपके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं, दूसरे ज़िलै से आप आये हो ऐसे में जनता के इन सवालों से कैसे बचोगे? अपने क्षेत्र में कौन से प्रमुख काम है जिनको आप जनता के सामने रखकर उसका विश्वास जीत सकते हो?
सबसे पहले तो मेँ अपराधी नहीं हूँ बल्कि मेरे ऊपर मुकदमे भाजपा की देन हैं। मैं समाज के लिए लड़ा हूं,बीते साल दो अप्रैल को आन्दोलन में समाज के लिए खड़ा हुआ तो भाजपा ने जेल भिजवा दिया। मेरे राजनीतिक विरोधी लोगों ने मुकदमे दर्ज करा दिए।
रहा सवाल बाहरी का तो मैं मेरठ मंडल का रहने वाला हूं और मंडल की एकमात्र आरक्षित सीट का प्रत्याशी हूं। फिर बाहरी कैसे हुआ। भाजपा बाहरी नहीं बल्कि भारी प्रत्याशी होने से डर रही है।
योगेश ने कहा गावों में बड़ी संख्या में लोग आवास विहीन हैं। सड़कें खस्ताहाल हैं, गंगा की सफाई के नाम पर मोटी रकम हजम कर ली गई है और गंगा मैली ही है। जिले में हजारों काम हैं जो कराने चाहिए थे, लेकिन भाजपा सासद ने अनदेखी की है। जनता इन कामों को कराने की माग कर रही है। जिले में शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए राजकीय स्नातक कालेजों की स्थापना कराई जाएगी।
रहा सवाल मेरे क्षेत्र में मुख्य कार्योँ का तो में आपको बता दूँ,सौ करोड़ रुपये की लागत से गंगा का पुल निर्माण शुरू कराया, जिसे बाद में भाजपा ने रुकवा दिया और वह अधूरा पड़ा है।उसकौ पूरा कराना है।
मेरे जिले में एक भी सड़क ऐसी नहीं जिसमें गढ्डे हों। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चार करोड़ की लागत से चबूतरे बनवाए, जिससे बाढ़ में लोग जान-माल की सुरक्षा हो सकें। फायर स्टेशन का निर्माण कराया और क्षेत्र में विद्युतीकरण कराकर गावों में भी बिजली पहुंचाई।
किसानों की समस्या पर वर्मा ने जवाब दिया और कहा अगर मैं जीता तो शुगर मिलों से समय पर गन्ना भुगतान कराऊंगा। फसल की लागत का ढाई गुना कीमत दिलवाऊंगा। खाद व बीज पर किसानों को सब्सिडी दिलाई जाएगी और ऋण माफी की योजना बनाकर लागू कराने का प्रयास करूंगा। किसानों को पेंशन सुविधा शुरू कराऊंगा इत्यादी ।