जोधपुर, 24 सितम्बर । मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), जयपुर जोनल यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस प्रकरण), जयपुर की अदालत ने अफीम की अंतरराज्यीय तस्करी के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 15-15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एनसीबी के अनुसार मामले में मल्ला राम पुत्र बांका राम निवासी धीरासर, डाकघर नेत्राड, थाना चौहटन, जिला बाड़मेर और आईदान राम पुत्र डूंगरा राम निवासी धीरासर, डाकघर नेत्राड, थाना चौहटन, जिला बाड़मेर को दोषी ठहराया गया है। यह मामला एनसीबी जयपुर जोनल यूनिट के अपराध क्रमांक 04/2020 से संबंधित है।
अभियोजन के अनुसार, एनसीबी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 22 जनवरी 2020 को जयपुर जिले के बस्सी क्षेत्र में एनएच-21 स्थित राजाढोक टोल प्लाजा पर एक ट्रक की तलाशी ली गई। ट्रक का पंजीयन नंबर क्रछ्व 19 त्रक्च 4946 था। तलाशी के दौरान ट्रक से 42.380 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद की गई। मौके पर मौजूद मल्ला राम और आईदान राम को गिरफ्तार किया गया।
एनसीबी ने बताया कि जब्ती की कार्रवाई राजाढोक टोल प्लाजा स्थित कार्यालय परिसर में पूरी की गई। जांच पूरी होने के बाद एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सक्षम न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया। जब्त अफीम को त्रह्र्रङ्ख, नीमच में जमा कराया गया, जबकि जब्त ट्रक को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रूस्ञ्जष्ट के माध्यम से नीलाम किया गया।
अभियोजन की ओर से प्रस्तुत मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विशेष न्यायालय ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8/18 और 8/25 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 15 वर्ष के कठोर कारावास और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। एनसीबी के अनुसार, यह फैसला मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में प्रभावी जांच और अभियोजन की दिशा में महत्वपूर्ण है। एनसीबी ने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
एनसीबी ने आमजन से मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन, भंडारण अथवा तस्करी से संबंधित सूचना साझा करने की अपील की है। ऐसी सूचना रू्रहृ्रस् राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1933 पर दी जा सकती है। एनसीबी के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है।