बीजेपी उम्मीदवार गुमान सिंह ने जिन्ना की शान में पढ़े कसीदे

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अगर जिन्नाह ,नेहरू की जगह प्रधानमंत्री बनते तो देश का बंटवारा न होता:बीजेपी नेता

मध्य प्रदेश की रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार गुमान सिंह डोमार ने जिन्ना की शान में पढ़े कसीदे, कहा अगर नेहरू की जगह प्रधानमंत्री जिन्नाह होते तो देश के टुकड़े न होते,राजनीती में नया मोड़

 

नई दिल्ली: एक बार फिर बीजेपी नेता की ओर से विवादित ब्यान आया है ,मध्य प्रदेश की रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी गुमान सिंह डामोर ने विवादास्पद बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर स्वतंत्रता के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री बनने की जिद्द पर न अड़े होते तो इस देश का बंटवारा नहीं होता.

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बीजेपी नेता ने कहा ,मोहम्मद अली जिन्ना एक एडवोकेट और विद्वान व्यक्ति थे. बीजेपी प्रत्याशी एक चुनावी मीटिंग के दौरान बोल रहे थे . उन्होंने यह ब्यान देकर एक ओर देश के बंटवारे का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा है दुसरे रतलाम के मुस्लिम वोटर को भी रिझाने की कोशिश की है .

हालांकि डामोर का बयान एक ऐसे समय पर आया है, जब बीजेपी खुद इस लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा और पाकिस्तान को मुद्दा बनाए हुए है, ऐसे में बीजेपी प्रत्याशी का यह बयान राजनीतिक गलियारे में क्या गुल खिलायेगा कुछ कहना अभी मुश्किल है .

आपको बता दें आज रविवार(12 मई) को छठें चरण का मतदान होना है.जबकि आखिरी चरण का मतदान 19 मई को होना है. वहीं लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आएंगे.

शत्रुघ्न सिन्हा ने पहले की जिन्ना की तारीफ, फिर बोले-जुबान फिसल गई

इस लोकसभा चुनाव के मौसम की रपटन में कई ज़बाने फिसली हैं जिसमें में कांग्रेस नए नबेले नेता शत्रुघ्न सिन्हा की ज़बान भी जिन्ना की तारीफ करते हुए फिसल गयी . विवाद होने पर उन्हें बाद में सफाई भी देनी पड़ी.

बिहार के पटना साहिब सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे शत्रुघ्न सिन्हा ने मोहम्मद अली जिन्ना को कांग्रेस परिवार का हिस्सा बताने वाले बयान पर कहा है कि उनकी जुबान फिसल गई थी. सिन्हा ने कहा कि वह मौलाना आजाद कहना चाहते थे लेकिन वह मोहम्मद अली जिन्ना कह गए.
सिन्हा ने शुक्रवार को दिए अपने बयान में कहा था, ‘कांग्रेस महात्मा गांधी से लेकर सरदार पटेल, मोहम्मद अली जिन्ना से लेकर जवाहर लाल नेहरू तक एक परिवार है.

जिनका देश के विकास, देश की तरक्की में, देश की आजादी में सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा योगदान है. यही कारण है कि मैं यहां आया हूं और पहली और आखिरी बार कांग्रेस पार्टी में आ गया हूं तो वापस मुड़कर कहीं नहीं जाऊंगा.”देखना यह है की जिन्नाह की तारीफ़ में इससे पहले लाल कृष्ण आडवाणी भी क़सीदे पढ़ चुके हैं .

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