सत्ता में आये तो क़त्ल कराएंगे !

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“अब ज़ात पात और मज़हब की सियासत ख़त्म होगी…’ यह हम नहीं कह रहे ,उत्तर प्रदेश के मुखमंत्री दो दिवसीय प्रदेश पार्टी संगोष्ठी के दौरान लखनऊ में फ़रमा रहे थे   ।अच्छी बात है ,मगर पूरे देश और ख़ास तौर से उत्तर प्रदेश में तो ज़ात पार और मज़हब के नाम पर सबसे ज़्यादा सियासत  होरही है ।हिटलर ने कहा था की एक झूट को इतना बोलो की लोग उसको सच कहने लगें ,इस फॉर्मूले पर अमल करते हुए गोलवलकर के सभी अनुयायी आगे बढ़ रहे हैं , याद रहे गोलवलकर हिटलर के भक्त थे और सहयोगी भी !

 

आज  देश  ओ दुनिया  में  झूट  को  सच  बनाने  का  कम्पटीशन  है  जिसका  पूरा  सहयोग  हमारी  मीडिया  कर रही  है । खबर  बिकती  है  यहाँ —  अजब  शहर  है  शहर  ए कज़्ज़ाबों  का।  झूट  की  इसी   कड़ी  में  मिजोरम  बीजेपी  अध्यक्ष प्रो जॉन वी हलुना ने हाल ही में  कहा की यदि हम नार्थ ईस्ट में सत्ता में आते हैं तो यहाँ बीफ बैन नहीं होगा । यानी गाये का क़त्ल खुले आम किया जा सकेगा । भारत के कई राज्यों में बीफ के ज़िबाह पर फांसी और दूसरी सज़ाएँ जबकि भारत के नार्थ ईस्ट के राज्यों में बीजेपी के ही मिजोरम अध्यक्ष का ब्यान की यहाँ बीफ बैन नहीं होगा ,यहाँ सवाल पैदा होता है की बीफ आस्था है या वोट बैंक या यूँ कहें की गौ माता को कुछ लोग वोट बैंक मानकर ब्लैक मेल कर रहे हैं कहीं उसकी रक्षा के नाम पर और कहीं उसके क़त्ल के नाम पर ,साथ में दावा की अब ज़ात पात  और  धर्म  की सियासत ख़त्म होगी  ।

हालांकि  झूट   और  नफरत  के  मामले  में  सिर्फ   बीजेपी  ही  नहीं  बल्कि  पिछली  सत्ता  धारी  पार्टियां  भी  किसी  ज़ालिम  से  कम नहीं  रही  हैं  ,और  आज  भी  नाम  निहाद  सेक्युलर  पार्टियों  के  कारनामे  गिनाये  जा  सकते  हैं  ,फिलहाल  देश  की  जनता  का  सीधा  रिश्ता  सत्ता  धारी  पार्टी  से  है  ।

इस प्रकार के जुमलों से हमें कोई शिकायत नहीं क्योंकि नेता तो सत्ता तक पहुँचने का हर हरबा स्तेमाल करेगा शिकायत जनता से है की वो किस आधार पर वोट डालती है ,बात सेक्युलर वोट के बटवारे और फासीवादी के इकठ्ठा होने की नहीं है ,सवाल यह है की 31 % वोटर भी किसको वोट कर रहा है आस्था को या नफरत को , अगर  गौमाता से आस्था है तो ख़ुशी है हमको मगर 31 % वालों की  पार्टी , सत्ता में आने पर गाये को नार्थ ईस्ट में क़त्ल करने का जनता को आश्वासन देती है , जबकि नार्थ इंडिया में गाये को क़त्ल करने या ज़िबाह करने पर मौत की सजा का प्रावधान है , पार्टी का स्टंट देखें , और अगर नफरत के नाम पर वोट है तो यह देश के लिए घातक है  और विडंबना भी ।

सियासत में इंसानो के बारे में सुना जाता है की भेदभाव होता है इनके साथ मगर अबतो जानवरों को भी नहीं बख्शा जारहा ।हमारी ,  देश और राज्यों में सत्ता धारी पार्टियों से अपील है कि देश में झूट और नफरत की नहीं ,बल्कि सच और मोहब्बत की सियासत का चलन क़ायम करो पूरी दुनिया मिलकर भी  तुमको सत्ता से नहीं हटा सकती यह हमारा दावा है ।वर्ना याद रखो “ ये ज़मीन खा गयी आसमान कैसे कैसे” तुम्हारी तो हैसियत ही कुछ नहीं  !! EDITOR ‘S  DESK 

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