गोरखपुर: डॉ. कफील पर दूसरा मुसीबत का टूटा पहाड़ , छोटे भाई पर जानलेवा हमला,डॉ ने हमले का जताया था शक

Date:

गोरखपुर: डॉ. कफील पर दूसरा मुसीबत का टूटा पहाड़ , छोटे भाई पर जानलेवा हमला,डॉ ने हमले का जताया था शक

गोरखपुर: डॉ. कफील के भाई पर जानलेवा हमला, शूटरों ने मारी गोली

गोरखपुर। बीआरडी अस्पताल दर्जनों मासूम बच्चों की हुयी मौत का बाद चर्चा में आए गोरखपुर के शिशु विशेषज्ञ डॉ. कफील खान के छोटे भाई काशिफ जमील को शहर के दुर्गाबाड़ी इलाके में अज्ञात बाइक सवारों ने गोली मार दी।

मिली जानकारी के अनुसार बाइक में दो लोग सवार थे। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। पिछले साल 11-12 अगस्त की रात गोरखपुर के अस्पताल में कई बच्चों की मौत के बाद डॉ .कफील खान यानी पीड़ित के बड़े भाई को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उनपर किसी तरह का कोई आरोप सिद्ध न होने की वजह से ७ महीने बाद ज़मानत मिलगई है .

पर यह जानलेवा हमला बीती रात रविवार गोरखनाथ मंदिर से कुछ दूरी पर हुआ। अज्ञात बाइक सवारकाशिफ बदमाशों ने कासिफ पर कई राउंड फायर किए। जिसमें तीन गोलियां काशिफ को लगीं।

परिवार के सदस्यों ने बताया काशिफ अपने निजी काम से फ़ारिग़ होकर वापस घर लौट रहे थे ,तभी गोरखनाथ मंदिर के करीब पुल क्रॉस करते ही कोतवाली थाना क्षेत्र में पल्सर सवार दो बदमाशों ने उनका रास्ता रोका और ताबड़तोड़ गोलियां चलादीं ,तीन गोलियां लगने के बावजूद भी काशिफ खुद बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचे और इसके बाद परिजनों तक सूचना पहुंची। खबर लिखे जाने तक उनका इलाज जारी था । उन्हें स्टार हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है समाचार मिलने तक उनकी हालात नाजुक बताई जा रही है।

 

गोरखपुर एसएसपी सिटी शलभ माथूर ने बताया कि पुलिस की एक टीम ने घटना स्थल का दौरा किया है। पुलिस मामले की तफ्शीश में जुटी हुई है। जल्द ही हम अपराधियों को गिरफ्तार कर लेंगे।

डॉ कफील का परिवार अभी उनकी अचानक गिरफ्तारी के सदमे से ठीक से बाहर भी नहीं आया था कि आज़माइश का एक दूसरा पहारः उनके घर वालों पर टूट पड़ा.ख़ास तौर से मान के दर्द को सभी समझ सकते हैं जो अभी अपने बड़े नेते कि ज़मानत के लिए अदालत के चक्कर काट रही थीं .अच्छी बात यह है कि डॉ कफील और अब काशिफ कि हमदर्दी में गोरखपुर कि अवाम साथ है जिसमें हिन्दू – मुस्लिम सभी शामिल हैं .

 

याद रहे डॉ कफील अपने या फॅमिली पर किसी बड़े हमले कि आशंका के बारे में पुलिस व् मीडिया को बता चुके थे ,किन्तु इस दरखुआसत पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया और आखिरकार भाई ज़िंदगी और मौत से जंग लड़रहा , जब ईद कीखुशी का वक़्त आया था , और घर में डॉ कफील के ज़मानत पर आने कि भी ख़ुशी थी तभी छीन ली गयी उनकी ख़ुशी और अब ग़म का माहौल पसरा है उनके घर में . ज़ालिमों को सजा कब मिलेगी इसका इंतज़ार बाक़ी .

हमारी भी देश के सभी पीड़ितों और मज़लूमीन केलिए दुआ है कि उन्हों जल्द से जल्द राहत मिले और प्रदेश तथा देश में इन्साफ और अम्न का माहौल क़ायम हो . टाइम्स ऑफ़ पीडिया रिपोर्ट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

नफरत की आग कब बुझेगी? अब ‘कारपोरेट जिहाद’

हाल में महाराष्ट्र का नासिक शहर दो बार अखबारों...

SC से खेड़ा को राहत, लेकिन बिस्वा क्यों झपटे सिंघवी पर?

नई दिल्ली। SC में कानूनी दलीलों की लड़ाई भले...

ग्रेट निकोबार: सामरिक और आर्थिक विकास की बड़ी योजना

ग्रेट निकोबार: सामरिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन की...

US-Iran War Update: Trump Hints at Fresh Attack as Tensions Rise

Iran war: Regional tensions remain intense as Iran, the...