कश्मीर के हालात पर प्रधानमंत्री ने जताया दुःख कहा मरने वाले भी हमारा अंग

Date:

‘‘कश्मीर में व्याप्त अशांति पर गौर करने में लगातार विफल रहने से अलगाव की भावना और अधिक गहरी होगी’’ :Delegation

New Delhi:हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की 8 जुलाई को हुई मौत के बाद से कश्मीर में जारी 45 दिन से अशांति के बीच सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में आए डेलीगेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की।मोदी ने कश्मीर की स्थिति पर गहरी चिंता और गंभीर पीड़ा व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कहा कि तनाव के समय के जिन लोगों ने जान गंवाई है वो हमारे देश का हिस्सा हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सविंधान के दायरे में रहकर स्थायी समाधान निकालना होगा।

INDIA KASHMIR CLASHES

प्रधानमंत्री मोदी ने J & K विपक्षी नेताओं से कहा कि जम्मू-कश्मीर हिंसा में जिन नौजवानों, सुरक्षा कर्मियों या पुलिस वालों की जान गई है, वो सब हमारे ही अंग थे . डेलिगेशन ने हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में हुई हिंसा और राज्य की जमीनी हालात के बारे में पीएम मोदी को बताया। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसा में 70 के करीब लोग मारे गए हैं और ५०० से ज़्यादा ज़ख़्मी हुए हैं ।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी से बातचीत के बाद मीडिया को बताया कि मीटिंग अच्छी रही और प्रधानमंत्री ने डेलीगेशन दल के सभी सुझावों को स्वीकार किया है। डेलीगेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से घाटी में प्रदशर्नकारियों पर पैलेट गन इस्तेमाल किए जाने पर रोक लगाने को कहा है। साथ ही कश्मीर के हित में सभी स्टेक होल्डर्स से जल्द से जल्द बातचीत करने को भी कहा है।

Delegation में उमर अब्दुल्लाह के अलावा प्रदेश कांग्रेस का सात सदस्यीय दल और मुख्य विपक्ष नेशनल कांफ्रेंस का आठ सदस्यीय दल शामिल है.यह शिष्टमंडल राष्ट्रीय राजधानी में है और सरकार एवं विपक्ष के नेताओं से मुलाकात कर रहा है.शिष्टमंडल में कांग्रेस दल का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख जी ए मीर कर रहे हैं.नेशनल कॉन्फ्रेंस के दल में इसके प्रांतीय प्रमुख नसीर वानी और देविंदर राणा भी हैं.इनके अलावा माकपा के विधायक एम वाई तरीगामी भी इस शिष्टमंडल में शामिल हैं.

kashmir-wounded_NewsX

शिष्टमंडल ने घाटी में लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई युवा इन विरोध प्रदर्शनों का शिकार बने हैं.इनमें इरफान नाम का एक किशोर भी शामिल है, जिसकी मौत कल रात को आंसू गैस का गोला उसकी छाती पर आकर फट जाने के कारण हो गई थी.ज्ञापन पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया कि वह ‘पैलेट बंदूकों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की घोषणा करें.मौजूदा अशांति में इन पैलेट बंदूकों के कारण बहुत से लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कई युवा लड़के-लड़कियां इसकी चपेट में आकर या तो अपंग हो गए हैं या फिर उनकी आंखों की रोशनी चली गई है.ज्ञापन में कहा गया, हम आपसे यह भी अनुरोध करते हैं कि आप सामूहिक प्रताड़ना, छापेमारी और गिरफ्तारियों की नीति के खिलाफ संबंधित एजेंसीज को इन्साफ और संयम से काम लेने के आदेश दें क्योंकि इसके कारण राज्य में पहले से बिगड़ी हुई स्थिति और अधिक नाजुक हो गई है.

ये नीतियां हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने के मूल्यों और सिद्धांतों के खिलाफ जाती हैं.इस शिष्टमंडल ने इस राजनीतिक पहल की शुरुआत शनिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करके और उन्हें एक ज्ञापन सौंपकर की.इस ज्ञापन में राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया कि वह अपने पद का इस्तेमाल करते हुए केंद्र को राज्य के सभी पक्षकारों के साथ राजनीतिक वार्ता शुरू करने के लिए कहें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

बाज़ी हारने वाले को बाज़ीगर नहीं कहते

17 अप्रैल को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी, अपने 11...

नफरत की राजनीति का नया हथियार : पालतू सूअर

राम पुनियानी दिल्ली के त्रिनगर के निवासी कुछ हिन्दू परिवारों...

“हार्मनी डायलॉग सेशन – I” का भव्य आयोजन समारोह

इंटर फेथ हार्मनी फाउंडेशन ने नई दिल्ली में सफलतापूर्वक...

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खुल गया, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए अच्छी ख़बर  

Ali Aadil Khan Edited स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खुल गया, लेबनान...