सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने की उच्चस्तरीय बैठक, सफाई कर्मचारियों के कल्याण और सुरक्षा पर जोर

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर । केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने गुरुवार को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सफाई कर्मचारियों के कल्याण, पुनर्वास, सुरक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा करना था।

इस मौके पर डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सफाई कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाने के लिए उचित प्रशिक्षण देने पर जोर दिया और कहा कि इससे सुरक्षित कार्य पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा तथा कर्मचारी पूरी गरिमा एवं सुरक्षा के साथ अपना कार्य कर सकेंगे। उन्होंने मंत्रालय की ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (नमस्ते) स्कीम के नियमों और फायदों को देश भर में जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक योग्य लाभार्थी इसका लाभ उठा सकें।

डॉ कुमार ने सफाई के असुरक्षित तरीकों को पूरी तरह खत्म करने के लिए उन्होंने योग्य सफाई कर्मचारियों को आधुनिक मशीनी उपकरण और पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, उपकरणों के नियमित रखरखाव, मॉनिटरिंग और उनके प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया गया। उन्होंने ‘मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में रोजगार निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’ और इसके नियमों को देश भर में पूरी सख्ती के साथ लागू करने की आवश्यकता जताई।

मंत्री ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग को निर्देश दिए कि वह सफाई कर्मचारियों के अधिकारों तथा सम्मान की रक्षा के लिए अपनी कोशिशें तेज करे और संबंधित अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करे, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।

यह बैठक सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, उनके कार्यस्थल को सुरक्षित करने और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के प्रति केंद्र सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस बैठक में एनसीएसके के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना, सदस्य मनोज कुमार वाल्मीकि, रवि रामू कलोसे और डॉ. सुषमा गौरियाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा, मंत्रालय के संबंधित संयुक्त सचिव भी बैठक में मौजूद थे।

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