टोंक के खलील अहमद एशिया कप के लिए टीम इंडिया में शामिल हुए

टोंक (राजस्थान) के खलील अहमद एशिया कप के लिए टीम इंडिया में शामिल

खलील के चयन से नई नस्ल में ख़ुशी की लहर ,कई नौजवानो में अपने जोहर दिखाने का दिखा जोश

नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 15 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान हो गया है। 16 सदस्यीय टीम में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद को नए चेहरे के रूप मे शामिल किया गया है।

खलील पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ के शागिर्द हैं और उन्होंने ही खलील की प्रतिभा को निखारा है। उनके चयन पर चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने कहा, ‘टीम में अभी 2-3 स्थान तय नहीं है। इनमें से एक लेफ्ट आर्म सीमर के लिए हैं, इसलिए हम खलील को आजमा रहे हैं।’

अपने चयन पर खलील ने कहा है कि अब जब मुझे चुना गया है, मैं सिर्फ एशिया कप ही नहीं भारत के लिए अधिक से अधिक मैच खेलना चाहता हूं। मैं कम से कम 10 सालों तक खेलना चाहता हूं और जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा विकेट लेना चाहता हूं।
राजस्थान के टोंक जिले से आने वाले खलील भारत के लिए अंडर-19 क्रिकेट में खेल चुके है। 2016 अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेलने से पहले तीन देशों के अंडर-19 टूर्नमेंट में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लिए थे। इसमें फाइनल में श्री लंका के खिलाफ कोलंबो में 29 रन देकर तीन विकेट भी शामिल थे।

बता दें कि खलील को 2016 में दिल्ली डेयरडेविल्स ने 10 लाख रुपये में खरीदा। वहीं 2018 में सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 लाख के बेस प्राइस वाले इस गेंदबाज को 3 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदा। खलील ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने जहीर खान को गेंदबाजी करते देख ही क्रिकेट खेलना शुरू किया। खलील का गेंदबाजी ऐक्शन भी जहीर से प्रभावित नजर आता है।

ऐसे में जब यूएइ एशिया क्रिकेट कप के लिए टोंक जैसे छोटे शहर के खलील अहमद को चुना गया तो हमने कई प्रतिभाशील नौजवान क्रिकेटर्स के नया जोश भी देखा , और उन्होंने हमें कहा की जब खलील का चयन होसकता है तो हम भी अपनी क़िस्मत आज़मायेंगे .

लेकिन साथ ही कुछ international स्तर के खिलाड़ियों की यह भी शिकायत थी की हमारी कॉलेज और state लेवल पर बेहतरीन परफॉर्मेंस के बावजूद अवसर नहीं दिए जाते हैं और राष्ट्रीय टीम में कई ऐसे खिलाडियों को लगातार खिलाया जारहा होता है जिनकी परफॉर्मेंस मायूस कुन होती है .

इस सम्बन्ध में हमारा भी एहि मानना है की खेल का मैदान हो या किसी और प्रतिस्पर्धा या कम्पटीशन का फील्ड इसमें भाई भतीजावाद या कोई और भेद भाव नहीं होना चाहिए इसमें सीधे सीधे देश का नुकसान है .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.