सुनहरी बाग मस्जिद को कुछ नहीं होने वाला !!

Date:

Ali Aadil Khan Editor’s Desk

सुनहरी बाग मस्जिद को कुछ नहीं होने वाला ! अगर कुछ हुआ तो इसका ….

Sunehri Bagh Masjid: लुटियंस दिल्ली के हाईप्रोफाइल सिक्योरिटी वाले इलाके में बनी सुनहरी मस्जिद को हटाया जा सकता है. नई दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन NDMC ने इसको लेकर जनता के सुझाव मांगे थे . वायु सेना भवन और उद्योग भवन चौराहे के सर्किल पर 150 वर्ष पूर्व बनी इस मस्जिद को हटाने को लेकर एक मुद्दे को जनम दे दिया गया है . कितना आगे तक चलेगा कहना मुश्किल है . Report के अनुसार यहाँ से गुजरने वाले Traffic में तो कोई बाधा नहीं है . अलबत्ता दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों तक पहुँचने में कोई बाधा हो सकती है . इस बार हो सकता है दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों का रास्ता सुनहरी मस्जिद से ही होकर गुज़रे .

तारीख के जानकारों का कहना है कि इस मस्जिद को ब्रिटिश राज में बनाया गया था . एनडीएमसी के इस प्रयोगात्मक नोटिस के बाद से मुस्लिम संगठन एक्टिव हो गये हैं . जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख अरशद मदनी ने ट्वीट करके कहा, ‘हम सुनहरी बाग मस्जिद के लिए हर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे .

मस्जिद को हटाने  की बात करना भी एक साजिश का हिस्सा है,मौलाना अरशद मदनी ने कहा बाबरी मस्जिद फैसले के बाद सांप्रदायिक ताकतों की हिम्मत बढ़ गई है, हम मस्जिद की सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे, उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को गैरकानूनी गतिविधियों से बचना चाहिए ‘.

नोटिस में क्या बोला था एनडीएमसी ने ?

अदालत ने 18 दिसंबर को मस्जिद के हटाए जाने की आशंका जताते हुए दिल्ली वक्फ बोर्ड की एक याचिका में कार्यवाही की और यह कहते हुए बंद कर दी थी कि सभी पक्ष कानून का पालन करेंगे।इसके बाद 24 December को NDMC का नोटिस जारी किया गया था .

याद रहे एनडीएमसी का नोटिस दिल्ली उच्च न्यायालय की उस याचिका को रद्द करने के बाद आया है , अब इसको आप साज़िश कहें इत्तिफ़ाक़ कहें या Narattive तैयार करने के लिए Propaganda .

एनडीएमसी ने अपनी नोटिस में कहा कि ट्रैफिक को स्मूथ रूप से चलाने के लिए इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से एक नोटिस आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि यहां से मस्जिद को हटाना ट्रैफिक की दृष्टि से काफी मुफीद रहेगा. NDMC ने लिखा था कि कानून के मुताबिक जनता की आपत्तियां और सुझाव 1 जनवरी 2024 तक स्वीकार किए जाएंगे.

क्या है मस्जिद का पुराना इतिहास?


1912 के नक्शे में मस्जिद को हकीम जी का बाग के रूप में दिखाया गया है. इसी बाग को सुनहरी बाग भी कहा जाता है. एक मज़हबी जमात के रुकुन का कहना है कि इस मस्जिद में पांचों वक़्त की नमाज़ और जुमा भी लगातार हो रहा है . लिहाज़ा इसको यहाँ से हटाने का सवाल ही पैदा नहीं होता . उनका कहना है कि यह मस्जिद मुगलकालीन शासन से ही आबाद है यह संस्कृति और इतिहास का हिस्सा है .

जब लुटियंस बन रहा था तो इसकी ऐतिहासिकता और पवित्रता को ध्यान में रखते हुए इसको इसकी जगह से नहीं हटाया गया था. तो अब जिस ट्रैफिक की बात करके इसको हटाए जाने की बात हो रही है वो बेबुनियाद है . दिल्लीमें ऐसे दर्जनों Point मिल जाएंगे जहाँ Traffic सुचारु नहीं है क्योंकि वहां या तो पेड़ आ रहा है या फिर कोई और धार्मिक स्थल बना हुआ है .

ट्रैफिक व्यवस्था आर्किटेक्चर क्या मानते हैं ?

ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखने वाले आर्किटेक्चर का कहना है कि जिस समय नई दिल्ली बन रही थी तब वहां पर ट्रैफिक न के बराबर था लिहाजा मस्जिद को नहीं छेड़ा गया लेकिन 100 सालों बाद स्थिति बदल चुकी है. यहां अब ट्रैफिक बहुत है. जहां पर यह मस्जिद बनी है वहां ट्रैफिक और आस-पास के वातावरण को ध्यान में रखते हुए इसको हटाना बेहद जरूरी है.

रिपोर्ट में क्या कहा गया?

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को मार्च 2021 में ‘पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन’ और ‘पर्यावरण प्रबंधन योजना’ रिपोर्ट सौंपी. टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड ने मूल्यांकन के लिए इस इलाके में 2026 से लेकर 2031 तक में ट्रैफिक के पड़ने वाले दबाव और उसके अनुमानों को लेकर स्टडी की .

ट्रैफिक को लेकर रिपोर्ट तैयार करने के लिए चार चौराहों की स्टडी की गई. इसमें पाया गया कि सुनहरी बाग मस्जिद चौराहे में किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं है. मगर तीन अन्य चौराहों को सिग्नल क्रॉसिंग में बदलने की जरूरत है. इन तीन चौराहों में उपराष्ट्रपति भवन , पंचमुखी चौक और रायसीना रोड के पास स्थित चौराहे शामिल थे. रिपोर्ट में कहा गया कि सुनहरी बाग मस्जिद चौराहे पर ट्रैफिक दबाव का कोई असर नहीं पड़ने वाला है.

रिपोर्ट में बताया गया कि सुनहरी मस्जिद चौराहे पर जितना ट्रैफिक होता है, वो उसकी क्षमता से बहुत कम है. चौराहे की 4,645 PCU यानी Passenger Car Unit / घंटा की क्षमता के मुक़ाबले,,,,, यहां 2026 में ट्रैफिक 3,389 PCU/Hour और 2031 तक 3,721 PCU / Hour ही रहने वाला है.

Traffic से सम्बन्धित स्टडी करने वाली Agency के मानकों के अनुसार NDMC द्वारा Traffic में बाधा को लेकर दी गयी Plea (दलील) बेबुनियाद और खोखली साबित होती है . एक कार, जीप, वैन या टैक्सी को एक पीसीयू माना गया है , जबकि एक दोपहिया वाहन को 0.2 पीसीयू और एक बस को 4.58 पीसीयू माना गया.

Filhaal क्या है सुनहरी बाग़ मस्जिद का Status

(एनडीएमसी) ने शनिवार को दिल्ली High Court को बताया था कि दिल्ली की सुनहरी बाग मस्जिद को निकट भविष्य में कुछ नहीं होने वाला है। NDMC अधिवक्ता श्रीहर्ष पीचारा की ओर से पेश हुए और कहा कि हालिया दिनों में एनडीएमसी ने केवल एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है और सुझाव आमंत्रित किए हैं. लेकिन विरासत संरक्षण समिति या (एचसीसी) यानी Heritage Conservation Committee के विचार आने तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता है।

जैसा कि NDMC के अधिवक्ता ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक बयान में कहा के सुनहरी बाग मस्जिद को निकट भविष्य कुछ नहीं होने वाला ! अगर कुछ हुआ तो इसके बाद देश की सबसे बड़ी अल्पसंख्यक का भरोसा सरकारी एजेंसीज से पूरी तरह उठ जाएगा , यानी इस वफ़ादार क़ौम के इम्तिहान का आखरी मरहला हो सकता है .

याद रहे Heritage Committee का पुनर्गठन किया जाना है क्योंकि इसके कुछ सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। लिहाज़ा निकट भविष्य में सुनहरी बाग़ मस्जिद के बारे कुछ भी नहीं होने वाला है . पीचारा ने कहा, हमारे द्वारा जारी किया गया नोटिस केवल प्रक्रियात्मक यानी procedural है।

लेकिन हमारा मानना है कि देश में अलग अलग जगहों पर मस्जिदों या दुसरे धार्मिक मुद्दों के सम्बन्ध में Controvercial Steps प्रतीकात्मक (Symbolic) और प्रतिक्रियात्मक यानी reactionary हैं . और देश के एक ख़ास समूह का Reaction देखने के लिए यह सारे प्रयोग हो रहे हैं . देश की वफ़ादार और देश प्रेमी जनता और ख़ास तौर से एक समुदाय को ऐसी आज़माइश में डालकर सत्ता वर्ग कोई समझदारी का काम नहीं कर रहा है . इस तरह के लगातार प्रयोग देश के लिए नुक़सानदेह हो सकते हैं .

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट, सरकार दबाव में?

Edited by mukesh Yadav करीब 10 अरब डॉलर का झटका,...

An Open Letter to Shri Yogi Adityanath Ji

Shri Yogi Adityanath Ji: Reflections on Governance and Social...

राहुल गांधी का अल्पसंख्यक विभाग के ज़िला अध्यक्षों से सीधा संवाद

राहुल गांधी ने किया कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के ज़िला...

NEET UG 2026: पुनर्परीक्षा की तैयारियों की केंद्रीय मंत्री ने की समीक्षा

धर्मेंद्र प्रधान ने निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु NEET परीक्षा...