राजनीति का मक़सद सत्ता नहीं सेवा है: अदनान अशरफ़

Press Release

अल्पसंख्यक समुदाय को ज़्यादा से ज़्यादा राजनीति में हिस्सा लेना होगा: अदनान अशरफ़

उर्दू मुसलमानों की नहीं मुल्क की ज़बान है: विशाल चौधरी

नई दिल्ली।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के मीडिया इंचार्ज और तेलंगाना प्रभारी सैय्यद अदनान अशरफ ने हसनपुर विधानसभा के कस्बा ढकका में एक ऑल इंडिया मुशायरे का उदघाटन किया.

इस मौक़े पर अदनान अशरफ़ ने कहा कि जो लोग मुशायरों, कवि सम्मेलनों का आयोजन करते या करवाते हैं वो लोग सेकुलर मिज़ाज के होते है. और समाज में हिंदू मुस्लिम एकता के पैरोकार होते हैं.

मुल्क में जब अँगरेज़ साम्राज्य्वादी शक्ति के ख़िलाफ़ तहरीके आज़ादी की अलख जगाने की मुहिं शुरू हुई उस वक़्त देश के कवी और शायरों ने भी आजादी के लिए अपनी जानों के नज़राने पेश किये थे. साथ ही वो अपने कलाम से शाइरी और कविताओं और नग़मों से आज़ादी के मतवालों में जोश और उत्साह भरने का काम कर रहे थे.

नज़्मों, तरानों और कविताओं के सहारे आज़ादी के मतवाले बड़ी से बड़ी क़ुर्बानी दे रहे थे. लिहाज़ा इन शेरों, नगमों की इंसानी जीवन में बड़ी एहमियत है.

अदनान अशरफ़ ने कहा आज वापस ऐसे ही शोरा और कवियों की ज़रुरत है जो आज़ादी को बचाने के साथ आज़ादी के मतवालों की क़ुर्बानियों की याद दिलाते रहें, और देश के झूठे, नफरती और फरेबी राष्ट्रवादियों को जनता की अदालत में घसीटने का भी काम कर सकें. 

कांग्रेस नेता अदनान अशरफ ने ज़ोर देकर कहा, आज देश के अल्पसंख्यक समुदाय और खासकर मुस्लिम समाज को को तालीम पर ख़ास ध्यान देने के साथ मुल्क की सियासत का भी बाज़ाब्ता हिस्सा बनना होगा . उन्होंने कहा सच्ची और पाकीज़ा सियासत देश की खिदमत के साथ क़ौम के मसाइल और मुद्दों के हल का भी रास्ता बनाती है।

उन्होंने इस मौक़े पर देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद, शहीद वीर अब्दुल हमीद, मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम के साथ हालिया दिनों में सरहद पर पाकिस्तान से लड़ाई लड़ने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी का भी ज़िक्र किया.उन्होंने कहा सियासत का मक़सद सत्ता नहीं देश और अवाम की सेवा है.

अदनान अशरफ़ ने कहा कि फ़र्ज़ी, झूठे और नफ़रती देशभक्तों को मुल्क के लिए क़ुरबानी देने वाले लाखों मौलवियों कवियों और शायरों की क़ुर्बानी को नहीं भूलना चाहिए. झूठी और फ़र्ज़ी तारीख़ लिखवाने और पढ़वाने वाले याद रखें सच हमेशा सीनों में रहता है और झूठ हलक़ से नीचे नहीं उतरता।

अदब और सांस्कृतिक शौक़ रखने वालों की सर ज़मीन हसनपुर विधानसभा के कस्बा ढकका में इस भव्य मुशायरे का आयोजन अधिवक्ता विशाल चौधरी ने कराया था. विशाल अपने पेशे के साथ खुद भी शैरो अदब की मजलिसें सजाने का भी शौक़ रखते हैं. और समाज में सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने और इलाक़े के विकास के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहते हैं.

इस अवसर पर विशाल चौधरी ने कहा कि आज जिस तरह से हिंदुस्तान की ज़बान उर्दू को खत्म करने की साज़िश की जा रही है वो मुल्क के साथ धोखा है और यह बेहद तकलीफ देने वाला है. उन्होंने कहा उर्दू मुसलमानों की नहीं मुल्क की ज़बान है, जिसके बेशुमार प्रमाण मौजूद हैं.

उन्होंने कहा आज हमको इस बात की ज़रुरत है की दिलों को जोड़ने वाली ज़बान उर्दू को ज़िंदा रखना होगा, अपनी नस्लों को उर्दू पढानी होगी. अफ़सोस की बात है कि उर्दू के नाम से जुडी कौम के लोग इसको न खुद पढ़ते और न अपने बच्चों को पढ़ाते हैं. लाखों करोड़ों रुपया उड़ाने वाली क़ौम 2 रूपये का उर्दू का अखबार नहीं खरीदती यह अफसोसनाक है।

कांग्रेस नेता अदनान अशरफ़, कलाम पढ़ने वाले शायरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस बेहतरीन आयोजन के लिए मुशायरा कनवीनर एडवोकेट विशाल चौधरी का शुक्रिया अदा किया, और इलाक़े के तमाम ज़िम्मेदार और क़ाबिले एहतराम श्रोताओं का भी शुक्रिया अदा किया.

किस मुँह से करें उन के तग़ाफ़ुल की शिकायत !!
ख़ुद हम को मोहब्बत का सबक़ याद नहीं है !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.