समाज को बुराईयों से मिलजुलकर ही पाक किया जा सकता है :क़ाज़ी अनवार अहमद

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मुस्लिम एकता से ही मुल्क और कौम की तरक़्क़ी  मुमकिन : मुफ़्ती हनीफ़ अहरार

कोटा राजस्थान / 10 अप्रेल/टॉप ब्यूरो / अखिल भारतीय इमाम कौंसिल  की ओर से आज दिनांक 10 अप्रैल 2016 को  हजीरे वाले बाबा  पर “उम्मते मुस्लिमा का बंटवारा हमें मंजूर नहीं” विषय  पर “इत्तेहाद काॅन्फेस ” आयोजित की गई। कार्यक्रम की शरुआत  तिलावते कुरआन से क़ारी शाकिर  अहमद साहब ने की, नात ए पाक  मौलाना जमील कादरी, तराना मोहम्मद अताउर्रहमान ने पेश  किया। आॅल इण्डिया इमाम कौंसिल के कोटा जिलाध्यक्ष कारी मकसूद रजा ने इत्तेहाद काॅन्फे्रंस में शिरकत करने वाले तमाम मेहमानों और अवाम का स्वागत किया !

 

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आॅल इण्डिया ईमाम्स कौंसिल के राश्ट्रीय महासचिव मौलाना मुफ्ती अहमद अहरार ने कहा कि जो ताकते आजादी के आन्दोलन के खिलाफ थी महात्मा गांधी व आन्दोलन कारियों के खिलाफ साजिषे रचकर अंग्रेजों को यह लिखकर देती थी कि हम आपके साथ है आज वह लोग देष को बांटने में लगें है। उन्होने संघ परिवार पर निषाना साधते हुए कहा कि यही वो लोग है जिनके नेताओं ने कहा था कि संघ के लोगों को अंग्रेजो से लडकर अपनी ताकत खत्म नही करना चाहिए

 

सभा को सम्बोधित करते हुए कोटा षहर काजी अनवार अहमद साहब ने कहा कि मुस्लिम एकता ने जब-जब देष पर संकट आया है इस संकट के खिलाफ मजबूत आवाज उठायी है। इतिहास गवाह है कि मुल्क की आजादी के लिए इस्लाम को मानने वाले हजारो लोगो और विद्वान देष के दुष्मनों से एक साथ मिलकर लडे है। आज हमारे देष में समाज में कई बुराईया घर कर गई है हमें इन बुराईयों को समाज से उखाड फंेकना होगा।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुम्बई हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज बी.जी कौलसे पाटिल ने  कहा कि आज देष की सत्ता में फासीवादी ताकते काबिज है। फासीवाद की विचारधारा की बुनियाद  फूट डालों राज करों  की नीति है । आज देष के लोगो के बीच ये ताकते भाईचारे को खत्म कर रही है। देष के अल्पसंख्यकों  को कमजोर बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से उनमें पंथवादिता कि विचारधारा को बढावा दिया जा रहा है। भाजपा के वरिश्ठ नेता सुब्रहमंयम स्वामी का आॅन रिकार्ड बयान है कि हम मुसलमानों को सुन्नी-वहाबियों के झगडे में डालेंगें। अब हिन्दुओं को एकजुट करने की अपेक्षा हिन्दुराश्ट्र के मार्ग में रूकावट मुसलमानों को आपस में बाटेंगे। यह सोच भी  फासीवादियों द्वारा फैलाई जा रही है जो कि भाजपा सरकार अपना रही है। ऐसी सोच से जहां देष का विकास रूकेगा वही अलगाववाद के लिए रास्ता खुलेगा। लोगो से उनके अधिकारों को छिना जा रहा है मदरसों  को आतंकवाद का अड्डा  कहा जा रहा है। उन्होने कहा कि अगर जांच ही करानी है तो आएसएस की षाखाओं की करायी जायें ना कि मुस्लिम मदरसों की।

 

आल इंडिया इमाम कौंसिल के प्रदेषाध्यक्ष जनाब हाफिज मुफीद  ने कौंसिल के मक़ासिद पर रौशनी डाली और कहा  कि आज आॅल इण्डिया ईमाम्स कौंसिल देष के 21 राज्यों मे अपना काम कर रही  है और सारे उलेमा को साथ लेकर उन्हें देष की समस्याओं के निराकरण करने की सीख दे रही  है।

 

पाॅपुलर फ्रन्ट आॅफ इण्डिया के प्रदेष अध्यक्ष अनीस अंसारी ने कहा कि इस्लाम धर्म में हमेषा भाईचारे व अमन का पैगाम देता है। इस्लाम को मानने वाले लोगांे की तीन बुनियादी बाते है  जिनमें यह मानना कि अल्लाह एक है दुसरा यह है कि काबा एक है तीसरा यह है कि  पैगम्बर हजरत मोहम्मद स0  अल्लाह के आखिरी नबी और रसूल है। दूसरी और कुरआन में है कि सब मुसलमान आपस में भाई भाई है कि वह पैगम्बर मोहम्मद साहब ने कहा कि मेरी उम्मत एक मानव शरीर  की तरह जब शरीर  के किसी हिस्से को तकलीफ पंहुचती है तो उसका दर्द पूरा शरीर  महसूस करता है उसी तरह एक मुसलमान को तकलीफ को महसूस करते है उन्होेने जोर देकर कहा कि जो ताकते आज मुसलमानों में फूट डालकर उन्हें आपस में लडवाना चाहती है उन्हें कान खोलकर  इस बात को सुन लेना चाहिए कि इस देष का मुसलमान एक था, एक है  और हमेषा एक रहेगा। कोई भी ताकत कभी मुस्लिम समाज का बंटवारा नहीं कर सकती है।

 

सोशल  डेमोक्रेटिक पार्टी आॅफ इण्डिया के राष्ट्रीय महासचिव श्री मुहम्मद शफी  ने कहा कि आज योजनाबद्ध तरीके से मुस्लिम सामज के नौजवानों को कमजोर करने कि साज़िशें  चल रही है नौजवानों को षारीरिक तौर पर कमजोर करने के लिए उन्हें आसानी से नषा मुहैया करवाया जा रहा। नषे की लत में चोरी डकैती और अपराध का ग्राफ जो बढ रहा है ऐसे में मुस्लिम नौजवानों की तादाद ज्यादा है इसके अलावा जो नौजवान पढा लिखा है समाज को सुधारने का प्रयास कर रहा है, बुराई के खिलाफ लोागों को जागरूक कर रहा है ऐसे नौजवानों को आतंकवाद का इल्जाम  लगाकर जेलों में ठूंसा जा रहा है एक रिपोर्ट के मुताबिक देष में मुस्लिम समजा अपनी आबादी के अनुपात से ज्यादा जेलों में बन्द है। यह वो  बुनियादी कारण है जिससे आज का मुस्लिम नौजवान प्रभावित है। किसी भी कौम का बेहतरीन सरमाया उसका नौजवान होता है। अगर नौजवान कमजोर  हो जाती है।

 

काॅन्फंेस को संबोधित करते छात्र संगठन सीएफआई के प्रदेष अध्यक्ष ईमरान हुसैन अंसारी ने कहा कि मुस्लिम समाज में बंटवारें कि कोई गुंजाईष नही है उन्होने कहा कि ऐेसे कोई बुनियादी तथ्य इस्लाम में नहीं है जो मुस्लिम एकता के खिलाफ इस्तेमाल किए जा सकते हो। इस्लाम हमेषा भाईचारेें का पैगाम देता है इस्लाम धर्म का मानना है कि जो चीज एक मुसलमान व्यक्ति पसंद करें वहीं चीज अपने दूसरे मुसलमान भाई के लिए पसंद करें वही दूसरी और पैगम्बर मोहम्मद साहब ने कहा था कि अगर तुम्हारा पडौसी भूखा सोता है और तुम पेट भर खाते हो तो तुम मुसलमान नहीं हो सकते। ऐसी बुनियादे जिस धर्म की है उसके मानने वालें लोगों के बीच आपस में नफरतें पैदा नहीं की जा सकती है और ना ही मुसलमानों कि एकता को तोडा जा सकता है,

कार्यक्रम के अन्त में षामिल सभी अतिथियों और जनता का  आॅल इण्डिया ईमाम्स कौंसिल के प्रदेष महासचिव और प्रोग्राम कन्वीनर हाफिज शफ़ीक़  ने धन्यवाद प्रकट  किया एवं कार्यक्रम का संचालन हाफिज तस्लीम द्वारा किया गया।TOP BUREAU

 

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