प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि भी चुनावी स्टंट साबित हुई: BSP सांसद

नई दिल्ली, 27 फरवरी बहुजन समाज पार्टी के नेता और सांसद कुंवर दानिश अली ने कहा कि प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना ’महज चुनावी स्टंट साबित हुई क्योंकि इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या को लगातार घटाते हुए 50% तक कर दिया गया है।और कब यह पूर्णतया दम तोड़ देगी कुछ कहा नहीं जा सकता .

सांसद अली ने कहा मोदी सरकार की कथनी और करनी के अंतर को दर्शाने के लिए ये सरकारी आंकड़े हम मिसाल के तौर पर पेश कर रहे हैं अन्यथा उनके सभी चुनावी वादे सिर्फ चुनावी स्टंट ही साबित हुए हैं सिवाए हिंदुत्व अजेंडे को आगे बढ़ाने वाले 5 वादों के , जिससे जनता काकोई लाभ नहीं है । प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारी शोर शराबे के साथ शुरू की गई किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की संख्या पिछले 2 वर्षों में 50% की गिरावट आई है।अली ने कहा PM की यह योजना भी 2019 का चुनाव जीतने का स्टंट मात्र निकली। जैसा 2 करोड़ रोजगार प्रति वर्ष देने का वादा रहा था।

अमरोहा से लोकसभा सांसद श्री अली ने शनिवार को इस बात का खुलासा किया कि किसान सम्मान निधि के आधिकारिक आंकड़े मोदी सरकार की कथनी और करनी में अंतर समझने के लिए काफ़ी होने चाहिए । ये आंकड़े इस बात का सुबूत है कि मोदी सरकार की अधिकतर योजनाएं देश हित में नहीं अपितु पार्टी हित में ज़रूर हैं ।

उन्होंने हापुड़ जिले में कृषि सम्मान निधि के लाभार्थियों के आंकड़े को एक दस्तावेज़ की शक्ल में ट्वीट किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, हापुड़ जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या 1,27 , 292 है। किसान सम्मान निधि की पहली किस्त 1 ,16 ,104 किसानों को मिली थी। दूसरी किस्त में 1 ,12 ,832, तीसरी किस्त 1 ,10 882 में, चौथी किस्त 1 ,00 614, पांचवीं किस्त 96 ,959, छठी किस्त 80 ,026 और सातवीं किस्त 64 ,643 किसानों को योजना का लाभ मिला।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरुआत दो साल पहले हुई थी।सांसद दानिश अली ने कहा वर्तमान कृषि क़ानूनों की सकारात्मकता और किसान हितेषी होने का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है , उपरोक्त किसान सम्मान निधि इस बात का जीता प्रमाण है कि मोदी सरकार सिर्फ योजना बनाने और उसके विज्ञापनों में ही विश्वास रखती है न कि क्रियान्वयन में .

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