पानी में तैरती राजधानी की कहानी हालात की ज़बानी

Date:

Edited by Ali Aadil khan 

दिल्ली में बारिश: प्रशासन की पोल खुली, लोग बेहाल

ग्राउंड ज़ीरो सी आने वाली रिपोर्ट्स के ज़रिये पानी में तैरती राजधानी की कहानी हालात की ज़बानी दिखाई जा रही है. दिल्ली में लगातार हो रही बारिश ने राजधानी की हालत खस्ता कर दी है।

जगह-जगह जलभराव और जाम से लोगों का जीवन काफी मुश्किल भरा हो गया है. लोग जलभराव वाले इलाक़ों को छोड़कर अपने रिश्तेदारों के यहाँ सुरक्षित मक़ामात पर जा रहे हैं. जिनके पास कोई विकल्प नहीं है वो फिलहाल सरकार से उम्मीद लगाए हुए हैं।

सवाल ये है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद नगर निगम और सरकार की तैयारियां क्यों नहीं होती हैं? सरकारों के दावे सब खोखले साबित होते हैं.

दिल्ली में बारिश

पानी में तैरती राजधानी

आईटीओ, मिंटो रोड, गुरुग्राम रोड और लाजपत नगर जैसे अहम इलाके पानी में डूबे नजर आए। यमुना का स्तर बढ़ जाने की वजह से मजनू का टीला और सिविल लाइन के घरों में भी पानी घुस गया है. गाड़ियों की लंबी कतारें और जाम में फंसे लोग यह साबित करते हैं कि दिल्ली जैसे ‘विश्वस्तरीय शहर’ का बुनियादी ढांचा महज कागजों में ही है।

दिल्ली में बारिश

देश का दिल और राजधानी दिल्ली ‘स्मार्ट सिटी’ का सच

दिल्ली को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे हर मानसून के साथ ध्वस्त हो जाते हैं। सीवरेज, ओवरफ्लो, बिजली कटौती और जलभराव ने एक बार फिर साफ कर दिया कि योजनाएँ सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं।

देश के कई हिस्सों में और खास तौर से दिल्ली और गुरुग्राम में बारिश की वजह से लोग घंटों तक जाम में फंस रहे हैं और प्रशासन सिर्फ बयानबाज़ी में व्यस्त दिखा।

यात्रियों की दुश्वारियाँ

दिल्ली में बारिश

मेट्रो से लेकर बसों तक, कहीं पानी का रिसाव , कहीं सड़कों का धसाव, तो कहीं वाहनों का लम्बा जाम दिखाई दे रहा है।

दफ्तर जाने वाले लोगों को घंटों जाम में इंतजार करना पड़ रहा, College और school के बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना है। बुज़ुर्गों और छोटे बच्चों को काफ़ी परेशानी का सामना है.

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद प्रशासन की नींद नहीं खुलती, तैयारी तो कहीं दिखाई ही नहीं देती .

हालात यह हैं कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों ने अपने घरों को छोड़ना शुरू कर दिया है . लोग पलायन करके सुरक्षित जगहों पर पनाह ले रहे हैं .

जनता के सवाल

दिल्ली में बारिश

लोग पूछ रहे हैं टैक्स के पैसों और सीवेज सिस्टम के लिए अलॉटेड Budget की रक़म का हिसाब दो आखिर जाता कहाँ है करोड़ों रुपया ?

हर साल इसी तरह के हालात का जनता को सामना करना पड़ता है, इस बारिश कुछ ज़्यादा होने के कारण स्थिति भयावह बन गई है. सरकार पहले से क्यों नहीं जागती . शहरों के पानी के निकास को सुचारु क्यों नहीं बना पाती ?

पंपिंग स्टेशन और नाले साफ करने के दावे सिर्फ प्रेस विज्ञप्ति तक ही क्यों सीमित रहते हैं?
नेता घरों से बाहर निकलकर जनता की सेवा क्यों नहीं करते ? क्यों जनता को आपदा में राम भरोसे छोड़ दिया जाता है ?
जनता का सवाल है जब राम भरोसे ही देश चलना है तो फिर सरकारों की क्या ज़िम्मेदारी है ?
दिल्ली को ‘विश्वस्तरीय शहर’ कहने वाले नेताओं को कभी इन सड़कों पर चलना क्यों नहीं पड़ता? 

पंजाब में बाढ़ की मौजूदा स्थिति को भी एक नज़र में देख लेते हैं

पंजाब में बाढ़ की मौजूदा स्थिति

सबसे पहले आपको बता दें आज 4 सितम्बर की 2 बजे तक की रिपोर्ट के मुताबिक़ पंजाब में अब तक 35 से 37 लोगों की मौत हो जाने का समाचार है, जबकि सैकड़ों घायल बताये जा रहे हैं

बाढ़ से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या 3 लाख से 3.5 लाख के बीच बताई जा रही है लगभग 2.56 लाख लोग विस्थापित हुए हैं लगभग 3.75 लाख एकड़ फसल का भारी नुकसान हुआ है. खासकर धान के खेतों का बड़ा नुकसान हुआ है.

अब तक 1,500 से अधिक गाँव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं ,स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी 7 सितंबर तक बंद रहने का सरकारी ऐलान किया गया है .

पंजाब सरकार ने राज्य को डिजास्टर-हिट घोषित कर आपातकालीन प्रावधान लागू किए हैं .राहत और बचाव कार्यों में NDRF, सेना, BSF, पंजाब पुलिस सक्रिय हैं .PM मोदी ने CM भगवंत मान से बात कर समर्थन व राहत का आश्वासन दिया है .

सतलज , ब्यास और रवि नदियों के ऊपर से बहाव में वृद्धि, हिमालय के क्षेत्र में भारी बारिश और जलाशयों (Reservoirs) से पानी छोड़ने जाने को इसका सबब बताया जा रहा है

प्रमुख रूप से प्रभावित जिलों में शामिल हैं: Gurdaspur, Amritsar, Ferozepur, Pathankot, Kapurthala, Fazilka, Tarn Taran, Hoshiarpur, Jalandhar, Rupnagar, Barnala, Mansa, Patiala, Mohali (SAS Nagar) आदि

कुछ जगहों पर ड्रोन के माध्यम से राहत सामग्री पहुँचाने की कोशिश की गई।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Jamiat treats in Free Medical Camp at Ajmer

Jamiat medical camp at Ajmer Urs treats 1,415 pilgrims...

Indo-Saudi Arab biletral ties and Role of Dr. Suhel

Ambassador Suhel Ajaz Khan Leaves Riyadh, But Questions Remain...

Indo-Greek Defence Partnership

Indo-Greek Defence Partnership, promising move for both nations Indo-Greek Defence...

Iran Rejects US Claim on Nuclear Inspections…..

edited top bureau Iran has rejected claims by US Vice-President...