निगम परिषद् चुनाव प्रचार की शुरुआत केजरीवाल ने अमित शाह को चुनौती देते हुए की

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नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव के लिए शुक्रवार को पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत अमित शाह को चुनौती देकर की उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए कहा में अमित शाह को चैलेंज करता हूँ वो गुजरात और मुम्बई में दिल्ली के बराबर बिजली के रेट करके दिखाएं केजरीवाल ने आगे कहा ”मैं अमित शाह को चैलेंज करता हूं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र आदि में आपकी सरकार है. दो साल में हमारी सरकार के काम से तुलना कर लो, डिबेट कर लो. कहीं टिक नहीं पाओगे , “यह तो जब है जब काम करने नहीं दिया गया क़दम क़दम पे रोड़ा अटकाया ” दूसरे राज्य छोड़ो, दिल्ली में ही देख लो 10 साल में बीजेपी ने एमसीडी में एक काम बता दो, जो किया हो. बिजली के रेट आधे करने पर मेरा मजाक उड़ाते थे लेकिन देखो मैंने किए.

उन्होंने दिल्ली सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि ”पानी फ्री करने के लिए कहा तो मेरा मजाक उड़ा, लेकिन मैंने करके दिखाया. कहते थे केजरीवाल दिल्ली जल बोर्ड का भट्टा बैठा देगा. लेकिन दिल्ली जल बोर्ड ने 178 करोड़ का मुनाफा कमाया. इस साल के अंत तक दिल्ली के हर घर में पाइपलाइन से पानी आ जाएगा. दो साल में 309 कॉलोनियों में पीने का पानी पहुंचाया. पानी के पुराने बिल माफ किए. दो साल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों का कायापलट कर दिया. नए सरकारी स्कूलों में स्विमिंग पूल बन रहे हैं लिफ्ट लग रही हैं.” उन्होंने कहा कि ”दो साल से दिल्ली का सीएम हूं. एक बार भी विदेश नहीं गया. बस मदर टेरेसा के लिए गया. मैं दूसरे नेताओं की तरह नहीं हूं. मैं खुद नहीं टीचर्स को भेजता हूं जिससे वे आपके बच्चों को और बढ़िया पढ़ाएं.”

लेकिन यह मीडिया हमारे काम नहीं दिखाते. बस हमारे खिलाफ ही दिखाते रहते हैं. ऐसा न करें बल्कि अपने वेवसाय के तीन वफादार रहे .पूरे देश में सबसे सस्ती बिजली दिल्ली में है. दो साल में एक रुपया बिजली का नहीं बढ़ने दिया.

उन्होंने अपनी पहली चुनावी जनसभा में बीजेपी और कांग्रेस को जमकर निशाना बनाया. उन्होंने जहां एमसीडी में सत्तासीन बीजेपी की खामियां गिनाईं वहीं दिल्ली सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं. केजरीवाल मीडिया को भी निशाना बनाने से नहीं चूके.

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के बुराड़ी में एक जनसभा को संबोधित कर अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की. जनसभा में आई भीड़ ने इस बात का सुबूत पेश करदिया कि यह इलाका आम आदमी पार्टी का सबसे मजबूत वोट बैंक है.केजरीवाल के लिए आज आई भीड़ इस लिए काफी अहम थी क्योंकि पंजाब चुनाव में उपेक्षा से सीटों का काम मिलना और AAP के बवाना विधायक के बीजेपी में शामिल हो जाने से आम आदमी पार्टी बैकफुट पर नज़र आरही थी . ऐसे में इस जनसभा में आई भीड़ से वह कुछ राहत महसूस कर रहे होंगे .

उनकी स्पीच कि ख़ास बात यह रही कि उन्होंने बीजेपी, कांग्रेस, अमित शाह, शीला दीक्षित सबको आड़े हाथों लिया किन्तु पीएम मोदी का कोई ज़िक्र तक नहीं . शायद इससे वो यह संकेत देना चाहते होंगे कि मोदी कि दाल दिल्ली में गलने वाली नहीं है यहाँ वोट धुर्वीकरण नहीं चलता ,वैसे भी फिलहाल पीएम मोदी के दम बीजेपी को जबरदस्त जीत मिलचुकी है . इस समय उनसे भिड़ने में नुकसान ही होगा फायदा नहीं. इसलिए पहले जहां पीएम मोदी की आलोचना करते थे, उन्हें कोसते थे, अब ऐसा अदिखाई शायद न दे .दुसरे केजरीवाल उसी रणनीति पर चल रहे हैं जिस पर दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में चले थे. यानी केवल अपने काम को जनता बीच रखेंगे बजाये किसी को कोसने और बुरा कहने के .
केजरीवाल ने कहा कि ”150 मोहल्ला क्लिनिक एयर कंडिशंड हैं ‘एक दम फन्ने खां’. पूरे देश में सबसे ज्यादा न्यूनतम मजदूरी कर दी है. बीजेपी कांग्रेस वालों ने बहुत विरोध किया. सब बुजुर्ग और महिलाओं की पेंशन 2500 रुपये महीना कर दी है. हमने दिल्ली सरकार में करप्शन बंद कर दिया, इसलिए हमारे पास पैसा ही पैसा है.” उन्होंने बीजेपी की निंदा करते हुए कहा कि ”रानी झांसी रोड बीजेपी की एमसीडी 2006 से बना रही है, आज तक नहीं बनी. दिल्ली देश की राजधानी है, चारों तरफ कूड़ा ही कूड़ा, मच्छर ही मच्छर. पिछले साल मैंने 7500 करोड़ रुपये एमसीडी को दिए, बीजेपी वालों के हाथ पैर जोड़े लेकिन ये नहीं माने सफाई नहीं कराई. एक साल दे दो मैं दिल्ली को साफ कर दूंगा.”

अपना भाषण खत्म करते-करते केजरीवाल ने लोगों को एक तरह डराया कि अगर एमसीडी में आम आदमी पार्टी हार गई तो बिजली पानी महंगे हो जाएंगे. उन्होंने एक बीजेपी नेता द्वारा बताई गई एक बात का हवाला दिया और कहा कि मुझे बताया गया कि अगर एमसीडी में बीजेपी या कांग्रेस की सरकार आ गई तो बिजली पानी के विभाग जो अभी दिल्ली सरकार के पास हैं वे नगर निगम को ट्रांसफर हो जाएंगे, जैसे पहले होते थे, जब दिल्ली में विधान सभा नहीं थी. इसलिए ऐसा किया जा सकता है. इसके बाद उन्होंने जनता से कहा कि आप इस षड्यंत्र को कामयाब न होने देना और नगर निगम में आम आदमी पार्टी को ही वोट देकर आप की ही सरकार बनवाना. केजरीवाल जानते हैं कि दिल्ली में बिजली पानी के दाम इतना बड़ा मुद्दा हैं कि इसके दम पर उन्होंने दिल्ली से शीला दीक्षित की सरकार की विदाई करवा दी थी और सरकार में आते ही सबसे पहले बिजली पानी सस्ते किए.

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