नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत हमारे लिए आइडियल : मौलाना क़ासमी

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नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत हमारे लिए आइडियल : मौलाना क़ासमी

पूरी दुनिया में इन्साफ और बराबरी ,अम्न और शान्ति सिर्फ नबी के तरीके से ही मुमकिन है

दुनिया में अम्न और अहकामे रब्बानी , और नबी के तरीकों को ज़िंदा करने की ज़िम्मेदारी उम्मते मुस्लिमा पर , ग़ैर अक़्वाम पर न फोड़ा जाए अपनी नाकामी का ठीकरा

Feroz Alam Mnasoori

New Delhi / TOP News Group //  मदरसा गुलशन ए इस्लाम आर के पुरम नई दिल्ली में सरवरे कोनेन सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत के उनवान पर मदरसे के (तालिबे इल्म ) छात्र-छात्राओ के दरमियान एक QUIZ Competition (प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता) का अहतमाम किया गया .मदरसे के छात्र – छात्राओं ने दिलचस्पी के साथ हिस्सा लिया .  प्रथम ,द्वितीय ,तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कार से नवाजा गया .

मज़हबी इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रोजी परवीन ,द्वितीय स्थान मोहम्मद साहिब ,जबकि तृतीय स्थान मोहम्मद अरहान ने हासिल किया . इन सभी विजेताओं को मदरसे के ज़िम्मेदारों और इलाक़े के मोअज़्ज़िज़ लोगों के हाथों से किताबें और नकदी की शक्ल में इनामात तक़सीम किये गए . इस प्रोग्राम को देखकर क्षेत्र के लोगों ने छात्र-छात्राओं व अध्यापकों को खूब दाद वे तहसीन से नवाज़ा और आइंदा भी इस क़िस्म के प्रोग्राम किये जाने की सलाह दे ताकि बच्चों और उनके वालिदैन में भी में तालीमी और मज़हबी शौक़ और जज़्बे को बढ़ाने का काम कर सके .

इसके बाद मौलाना सलीम अहमद कासमी ने सीरत नबी पर तक़रीर देते हुए कहा कि हमारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत और पूरी जिंदगी हमारे लिए एक अमली नमूना और उसवाये हुस्ना और आइडियल है .

अल्लाह करीम ने हमारी कामयाबी अपने हुकुम और नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैरवी में ही रखी है .इसीलिए हम सबके लिए जरूरी है कि हम अपने नबी रहमत सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत को पढ़कर और जानकर उसके मुताबिक़ जिंदगी गुजारे .हमारी जिंदगी के हर शोबे में सीरत ए रसूल को अपनाए खुआह उसका ताल्लुक शादी विवाह,मरने जीने , खुशी वा घमी या तिजरातो हकूकूमत से हो .

क्योंकि हमारे प्यारे आका सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत हर मोड़ पर पूरी इंसानियत की रहनुमाई करती है . आजके दौर में बहुत ज़्यादा ज़रुरत इस बात की कि हम खुद सीरत ए रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को पढ़े . अपने नस्लों को कुरानी तालीम दिलाए उसपर अमली मश्क़ कराएं .फिर सीरत ए रसूल के पैगाम को पूरी दुनिया के सामने पेश करें . क्योंकि पूरी दुनिया में इन्साफ और बराबरी ,अम्न और शान्ति सिर्फ नबी के तरीके से ही मुमकिन है .

मुल्क और दुनिया के अंदर अमन व् शांति और मिल्लत इ इस्लामी और पूरी इंसानियत की कामयाबी की दुआ पर इस कार्यक्रम को संपन्न किया गया । प्रोग्राम का आग़ाज़ तिलावत इ कलाम पाक से हुआ .इस अवसर पर हाफिज मोहम्मद अहमद,हाजी मोहम्मद साजिद कुरैशी ,हाजी मोहम्मद इलियास, हाजी मोहम्मद रईस ,भाई मोहम्मद शाहनवाज ,मोहम्मद शफीक, हाजी फ़िरोज़ आलम, मोहम्मद फुरकान, मोहम्मद अकरम ,मोहम्मद आदिल ,मोहम्मद बिलाल आदि ने शिरकत की।

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