उपराज्यपाल से जुड़े किस मामले में मेधा को दी गई है 5 महीने की सज़ा?
23 साल बाद गाँधीवादी और अहिंसावादी महिला नेता मेधा पाटकर को अदालत ने सुनाई सज़ा , लेकिन क्यों और किस जुर्म के लिए यह जानना ज़रूरी
दरअसल मेधा पाटकर और वीके सक्सेना दो दशक पहले से एक-दूसरे के ख़िलाफ़ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. उस समय मेधा पाटकर ने ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ के विरोध में विज्ञापन छपवाने को लेकर वीके सक्सेना के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज करवाया था
