MCD में बीजेपी को दो-तिहाई बहुमत, केजरीवाल को शिकस्त,कांग्रेस फिर पिछड़ी

Date:

दावों का दौर ख़त्म वादे पूरे करने की बारी

नई दिल्ली:दिल्ली निकाय चुनावों में बीजेपी ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस को पछाड़ते हुए दो तिहाई बहुमत के साथ वापसी की है। तीनों नगर निगमों (दक्षिणी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली) की 270 सीटों के नतीजों में बीजेपी ने 184 सीटों पर कामयाबी हासिल की है। आम आदमी पार्टी 45 और कांग्रेस 30 सीटों के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर रही। बीजेपी नेताओं ने पार्टी की शानदार जीत का श्रेय भले ही पीएम मोदी की नीतियों को दिया हो किन्तु कांग्रेस और AAP ने हार का ठीकरा EVM के ऊपर फोड़ा है। इस हार के बाद MCD चुनाव में पिछली बार से भी बुरा प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने हार की ज़िम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया। इस बीच AAP के नेता और दिल्ली के मुख़्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट करके तीनों MCD में बीजेपी की शानदार जीत पर बधाई दी है।

तीनों निगमों में बीजेपी का क़ब्ज़ा

नतीजों के मुताबिक, नॉर्थ एमसीडी में बीजेपी ने 65 जबकि आम आदमी पार्टी ने 20 सीटें जीतीं। कांग्रेस को नॉर्थ में 15 सीटें मिलीं। वहीं, ईस्ट एमसीडी में बीजेपी ने 48 जबकि आप ने 10 सीटों पर संतुष्ट होना पड़ा , कांग्रेस को यहां केवल तीन सीटें ही मिलीं। साउथ एमसीडी में बीजेपी ने 71 जबकि आप ने 15 सीटों पर जीत हासिल की वहीं, कांग्रेस को यहां 12 सीटें मिलीं। तीनों नगर निगम में निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों को 11 सीटें मिलीं। । पूर्वी दिल्ली नगर निगम समेत तीनों निकाय में सत्ताधारी बीजेपी ने सत्ता विरोधी लहर के बावजूद जीत दर्ज की है। बता दें कि 23 अप्रैल को कुल 272 में 270 वार्डों के लिए मतदान हुए थे। दो वार्डों में उम्मीदवारों के निधन के कारण वहां मतदान रद्द कर दिया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Israel, Jewish Diversity and the Myth of Sectarian Determinism

Najmuddin A Farooqi In contemporary political discourse, religion and sectarian...

सोमनाथ: इतिहास या सियासी मंच?

धार्मिक स्थल कोई भी हो, या किसी भी मज़हब...

Understanding the Position of Indian Muslims

Citizenship Concerns and Documentation Reality: Understanding the Position of...

चुनावी शोर के बाद संकट का दौर!

ईरान युद्ध और वैश्विक तेल संकट की आशंकाओं के...