मुस्लिम महिलाओं की अस्मत दरी पर परदा पोशी की बजाय दोषियों को सजा दे मयंमार सरकार: मोलाना मुहम्मद मदनी

नई दिल्ली: मयंमार के राखीन प्रांत में सुरक्षा बलों द्वारा मुस्लिम महिलाओं के बलात्कार पर चिंता व्यक्त करते हुए जमीअत उलेमा हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने मयंमार के राखीन प्रांत में मुल्क की सुरक्षा बलों द्वारा दर्जनों मुस्लिम महिलाओं के साथ बलात्कार और मानवाधिकार के लगातार उल्लंघन पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है.

 

बसीरत ऑन लाइन के अनुसार, जमीअत उलेमा हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने नवनिर्वाचित लोकतांत्रिक सरकार की संरक्षक आंग सान सूकी से मांग की है कि वह उनके आपराधिक कृत्यों को छिपाना के बजाय अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को पीड़ितों तक पहुँचने दें, और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए. मौलाना मदनी ने कहा कि मानवाधिकार से जुड़े संस्थाओं की ओर से आने वाली यह रिपोर्ट म्यांमार में लंबे समय से जारी मानवीय संकट, अवैध रूप से हत्या, कैद, घरों को जला देने और सेना द्वारा मुस्लिम समुदाय के साथ बर्बरता,निरंतर जारी है. जिसकी वजह से वहां के लाखों जरूरतमंद लोग आज भारत सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भटकने पर मजबूर हैं.

मौलाना मदनी ने कहा कि म्यांमार में लगभग एक साल पहले लोकतांत्रिक सरकार के गठन से यह उम्मीद जगी थी कि वहां की मुस्लिम अल्पसंख्यक एक स्वतंत्र और सुरक्षित जीवन शुरू कर पाएंगे, लेकिन स्पष्ट तौर पर किसी भी तरह का परिवर्तन नहीं हुआ है, बल्कि सुरक्षा के नाम पर पूरे राखीन प्रांत को सेना ने बंधक बना रखा है. इतना ही नहीं मानवाधिकार संगठनों और सहायता एजेंसियों को वहां जाने से रोका जा रहा है.

मौलाना मदनी ने कहा कि सुश्री सूकी ने विश्व समुदाय को आश्वासन दिया था कि वह जरूरत मंदों को न्याय दिलाएंगी, इसलिए मेरी मांग है कि उनकी सरकार, अत्याचार और अन्याय का सिलसिला तत्काल बंद कराए और अत्याचार, गरीब और लाचार म्यांमार मुस्लिम अल्पसंख्यक को स्वतंत्र नागरिक जीवन जीने का अधिकार दे. उनहोंने वैश्विक समुदाय से आग्रह किया कि वह वहां की समस्याओं को हल करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं. खास तौर से भारत सरकार से मांग की कि वह क्षेत्र के प्रभावशाली शक्ति होने के आधार पर अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएं. और सार्क देशों के सरकारों के सामने यह मुद्दा पूरी ताकत से उठाएँ ताकि संतोषजनक समाधान हो सके.

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