मुजरिम कौन है और मुंसिफ़ कौन ?फ़ैसला कौन करेगा ?

Date:

इस तस्वीर में जो भी है वो बर्बरता और आतंक का ही एक रूप दिखाई दे रहा है , हालांकि text न होने की वजह से खबर की सत्येता (authenticity) पर सवालिया निशाँ लग रहा है ।

यदि यह तस्वीर वास्तव में सच्ची है तो ऐसे में राजस्थान सरकार क्या ऐसे लोगों को खुली छूट देकर यह साबित करना चाहती है की जो चाहे क़ानून अपने हाथ में लेले , और जिसको चाहे सजा दे और जैसे चाहे सजा दे अगर वास्तव में यह तस्वीर सही है तो इसकी सीबीआईजांच हो और मुजरिमों को सजा मिले और साथ ही एक्सपोर्टर के जुर्म की भी तहक़ीक़ हो , वास्तव में उसका जुर्म था या नहीं ।ऐसा इशारा मिल रहा है की यह शख्स किसी एक्सपोर्टर के लिए गाए transport करा रहा था , किन्तु गाए बेचने वाल कौन था इसका कोई ज़िक्र नहीं है शायद वो कोई किसान था जिसने ग़रीबी से तग आकर या दूध न देने के सबब इनको बेचा होगा , क्या ये बहादुर जो इस ग़रीब को बर्बरता के साथ मार रहे हैं किसान का पता बता सकते हैं किसने इसको अपनी गाए बेचीं ?देश को बचने के लिए इसकी जाँच ज़रूरी होगई है , TIMES OF PEDIA न्यूज़ ग्रुप इस सम्बन्ध में सरकार का ध्यान आकर्षित कर देश की गंगा जमनी तहज़ीब और सांप्रदायिक सद्भाव का माहौल बनाना चाहता है और नफरत की आग को बुझाना भी ।

देश जानता है की सांप्रदायिक माहौल बनाया जारहा है UP चुनाव सर पर है ऐसे में धुर्वीकरण की सियासत का जारी रहना राजनितिक पार्टिओं की रूह है ।देश के लिए यह खतरनाक तस्वीर होसकती है भले कुछ लोगों के लिए FB पर like करने की तस्वीर हो ।
और देश को साम्प्रदायिकता की आग से बचाना भी , हम आशा करते हैं की वतन के सभी secular लोग और ग्रुप सरकारों पर इसका दबाव बनाएंगे की इस प्रकार की आतंकी घटनाओं पर लगाम कसे वर्ना देश बिखर जाएगा और चंद मुठ्ठी भर लोग जिसे चाहें सजा देंगे या इनाम । top bureau

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

नफरत की राजनीति का नया हथियार : पालतू सूअर

राम पुनियानी दिल्ली के त्रिनगर के निवासी कुछ हिन्दू परिवारों...

“हार्मनी डायलॉग सेशन – I” का भव्य आयोजन समारोह

इंटर फेथ हार्मनी फाउंडेशन ने नई दिल्ली में सफलतापूर्वक...

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खुल गया, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए अच्छी ख़बर  

Ali Aadil Khan Edited स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खुल गया, लेबनान...

क्या राष्ट्रपति ट्रंप का दिमाग खराब है?

आजकल कुछ देशी- विदेशी चैनलों पर यही गंभीर बहस...