मैं इतना बड़ा झूठ क्यों बोलूंगी ,मैराथन धाविका जैशा का AFI को जवाब

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मुझे वहां कोई एक भी भारतीय झंडा देखने को नहीं मिला,बहुत अफ़सोस हुआ मुझको 

बेंगलुरु : रियो ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली धाविका ओपी जैशा ने ऐथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के उस बयान का जवाब दिया है जिसमें कहा गया था कि उन्होंने और उनके  कोच ने मैराथन के दौरान एनर्जी ड्रिंक लेने से इनकार कर दिया था.

जैशा ने कहा है कि(AFI) के आरोपों की जांच होनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि मैं इतना बड़ा झूठ क्यों बोलूंगी, जब मैंने अपने पूरे खेल करियर में एक बार भी किसी तरह की शिकायत नहीं की है.

जैशा ने आगे कहा कि जब ऐथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि वहां मौजूद नहीं थे तो उन्हें सच्चाई कैसे पता है? मैं दर्द से गूजरी हूं.अगर मेरे पास पानी होता तो  दिक्कत नहीं होती. मैंने अपने पूरे करियर में (AFI) के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की.

रियो ओलिंपिक में मैराथन दौड़ के दौरान भारतीय एथलीट ओपी जैशा को अपने ही लोगों की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ा. दरअसल इस स्‍पर्द्धा के दौरान तपती धूप में उनको पानी पिलाने या रिफ्रेशमेंट देने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल दल का कोई भी सदस्‍य मौजूद नहीं था. उनकी हौसला-अफजाई के लिए भारतीय डेस्‍क पर भी कोई नहीं था.

 इस संबंध में बेंगलुरु में अपनी पीड़ा का इजहार करते हुए उन्‍होंने MEDIA से कहा, ” गर्मी में  लंबी रेस के लिए आपको पानी की जरूरत होती है. आठ किमी की यात्रा के बाद पीने के पानी का एक समान प्‍वाइंट होता है लेकिन आपको हर एक किमी यात्रा के बाद पानी की जरूरत होती है. अन्‍य एथलीटों को रास्‍ते में ये सुविधा मिलती रही लेकिन मुझे कुछ नहीं मिला. सिर्फ इतना ही नहीं मुझे वहां कोई एक भी भारतीय झंडा देखने को नहीं मिला. हम अपने तिरंगे से बेहद प्रेम करते हैं. यह हमको बहुत प्रेरित करता है और ऊर्जा देता है.”

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