क्या इतिहास के पन्नों में लिखा जाएगा ?बिहार विधानसभा चुनाव 2020

एक तरफ देश की दो महा ताकत हैं, दूसरी तरफ तीन युवक !

Devendr Yadav Kota

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में, राजनीतिक पंडितों और विश्लेषकों को खास बात या तो नजर नहीं आ रही या फिर उसे नजर अंदाज किया जा रहा है क्योंकि उस पर राजनीतिक गलियारों में ना तो चर्चा हो रही है और ना ही बहस !

वो खास बात यह है कि बिहार विधान सभा चुनाव में, पहली बार देश और राज्य की दो महा ताकत एक साथ मिलकर 3 युवा नेताओं को चुनौती देते दिखाई दे रहे हैं या यूं कहें की 3 युवा नेता दो महा ताकतों को चुनौती दे रहे हैं !

देश के तथाकथित सबसे ताकतवर नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार राज्य के सबसे ताकतवर नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा और जेडीयू का चुनावी गठबंधन कर एक साथ चुनाव प्रचार करेंगे !


” मोदी है तो मुमकिन है , नीतीश है तो संभव है ” जैसे नारे गठबंधन और भविष्य का इतिहास है या नहीं हमें नहीं पता ,लेकिन गठबंधन मोदी और नीतीश के सहारे वापस सत्ता पर काबिज होना चाहता है!

इन दोनों कद्दावर नेताओं को बिहार के 3 युवा नेता चुनौती देने के लिए मैदान में तैयार हैं जिनके पास मोदी और नीतीश की तरह बड़ा अनुभव तो नहीं है मगर उनका हौसला बड़ा दिखाई दे रहा है !

यदि उम्र ,राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक अनुभव की बात करें तो नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं उनके सामने चिराग पासवान सांसद हैं और तेजस्वी यादव विधायक हैं बस इन चारों नेताओं के बीच यही एक बड़ा फासला है, जिसका फैसला बिहार के मतदाताओं को करना है !

माना कि युवा नेता पहली बार बिहार में आरजेडी और एलजेपी पार्टियों का नेतृत्व कर चुनाव लड़ रहे हैं, मगर वर्तमान विधानसभा में यदि विधायकों की बात करें तो अभी भी आरजेडी के पास सर्वाधिक विधायक थे यह बात अलग है कि इस बार आरजेडी के पास तेजस्वी यादव के रूप में युवा नेतृत्व है और उनकी अपनी जाति का एक ठोस जनआधार भी है !

जहां तक बिहार राजनीति का सवाल है तो यह बात स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में ताकत और युवा का मुद्दा पहली बार नहीं दिखाई दे रहा है बल्कि 1977 में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला था जब देश की सबसे ताकतवर नेता तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को बिहार के युवाओं ने चुनौती देते हुए बिहार की सत्ता से बाहर कर दिया था !

सा नजारा इस बार बिहार में देखने को मिलेगा या नहीं यह तो समय बताएगा मगर बिहार चुनाव में भाग ले रहे राजनीतिक दलों के अंदर अभी यह सस्पेंस तो बना ही हुआ है !
खासकर गठबंधन के सामने यह एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि देश के दो ताकतवर नेताओं को 3 युवा नेता चुनौती दे रहे हैं !

लेखक राजनितिक विशेषज्ञ तथा प्रसिद्द विचारक हैं

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