क्या अर्नब गोस्वामी देश के विभाजन की पत्रकारिता कर रहे हैं ??

अर्नब समाज को बाटने ,हिंसा फैलाने और मलयाली जनता का अपमान करने का काम कर रहे हैं :CPI(M) नेता

अर्नब गोस्वामी अपनी बेबाक गुफ्तगू के लिए जाने जाते हैं , वो कुछ समय पहले तक एक बेबाक और निडर जर्नालिस्ट की तरह काम करते थे किन्तु अब उनपर आरोप है की वो किसी एक ख़ास विचार धारा के लिए काम कर रहे हैं . जो देश को बांटने का काम करती है

बीते 25 अगस्त को रिपब्लिक टीवी चैनल पर अर्नब को उनके लेट नाइट शो ‘द डिबेट’ में #FloodAidLie के तहत कथित तौर पर मलयाली लोगों के अपमान पर कानूनी नोटिस जारी किया गया है।

मीडिया की खबर के अनुसार, CPI(M) नेता P.Sasi  द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि अर्नब की चर्चा समाज को विभाजित करने और हिंसा का प्रचार करने और मलयाली को नीचे दिखने का इरादा रखती थी।

 

इस चर्चा के लिए वह क्षमा मांगने के लिए उत्तरदायी है या फिर मुआवजे के तौर पर मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 करोड़ रुपये दान करे।तभी उनका पीछा छूट सकता है .

सीपीएम नेता पी सासि द्वारा भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया कि अर्नब की टिप्पणी ने एक मलयाली के रूप में मुझे भी अपमानित किया है, यही कारण है कि अर्नब को यह नोटिस दिया गया है।

 

पी सासी ने कहा, अर्नब को अपने शो के दौरान की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगनी होगी.  अगर वो ऐसा नहीं करते है, तो मैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए आगे कदम उठाउंगा।

बता दें कि इस डिबेट के 30 सैकेंड के एक हिस्से में अर्नब गोस्वामी कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि “यह ग्रुप ही बेशर्म है, मैंने इतने बेशर्म भारतीय पहले कभी नहीं देखे। वो हर कहीं झूठ फैला रहे हैं। मुझे नहीं पता कि इस झूठ को फैलाने के बदले उन्हें क्या मिला, पता नहीं इसके लिए उन्हें कितने पैसे मिले। क्या उन्हें अपने देश को गाली देने के लिए पैसे मिल रहे हैं। क्या ये किसी ग्रुप का हिस्सा हैं। इन्हें कहां से फंड मिल रहा है। ये देश को नुकसान पहुंचाने का एक सोचा-समझा षणयंत्र है”।

बता दें कि अर्नब , संयुक्त अरब अमीरात की केरल को 700 करोड़ की आर्थिक मदद दिए जाने पर चर्चा कर रहे थे। डिबेट का यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुआ था।

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